If you are new in this field and you want to what is blogging in Hindi and how to start blogging in Hindi then you are at the right place because here in this blog you will easily understand what is blogging and how to start blogging. And what are things you required to start a blog, you just need to read this blog till the end.

ब्लॉगिंग क्या हैं? what is blogging in Hindi

दोस्तों ब्लॉगिंग एक ज़रिया  है जहाँ आप अपनी जानकारी अपने शब्दों में लिख कर लोगो को जानकारी देते है। आपको जिस भी Topic पर ज्यादा जानकारी है, उस पर अपना ब्लॉग शुरू (Start) कर सकते है और अपने User को जानकारी दें सकते हैं।

अपना ब्लॉग कैसे शुरू करें ?

दोस्तो अगर आप अपना ब्लॉग बनाना चाहते है तो सबसे बड़ी बात अपने पैशन को फॉलो करें . क्योंकि अगर आपका पैशन ही आपको सफल कर सकता है अगर आपका पैशन Beauti, Fashion, Traveling, Teachnology या किसी भी चीज में है तो आप उस काम को करने में थकते नहीं है जिस भी चीज में आपको पैशन है आपको बस उस को चुनना ही। इसलिए पहले आप अपना पैशन पहचाने आगे जानते है आपको ब्लॉग कैसे बनाना है

Domain Name क्या है?

Domain Name a Domain का आविष्कार वर्ष 1983 में पाल मौकापेतिस * ने किया था सरल भाषा में Domain Name यानि .Com, .In, .org, इत्यादि (Etc) होता हैं।

माना कि हमने एक ब्लॉग बनाया तो वहाँ आपका Site इस प्रकार होगा Your Website .Blogspot.com अब आपको Blogspot हटाना है तो आपको Domain Name होगा तभी आपका Site के बाद आपको .com या .in दिखेगा। Domain Name लेने के बाद ही Internet पर कोई Website Live होती है।

Web Hosting क्या है?

दोस्तों अगर हम बनाते है तो हमें दो चीजों की जरूरत पड़ती ही है पहला Domain Name is GET Web Hosting Web Hosting एक प्रकार की Internet Hosting सेवा है। सरल भाषा में Web Hosting आपकी Website (Blog) में जो भी फोटो वीडियो होती है उसको स्टोर करता है।

Web Hosting काम कैसे करता है ?

दोस्तों जब हम Website या Blog बना लेते है तो यही सोचते है कि जो Knowladge Information हम लोगो तक पहुँचा रहे है वो जल्द से जल्द कम समय मे लोगो तक पहुँचे तो इसलिए हमे अपने Images, Files, videos, Documents, इत्यादि को Web hosting पर Upload करना होता है,

ऐसा करने पर कोई भी User अपने Web Browser u Domain Name vi https://domain.in Type करता है तो Internet इस Domain Name को Web Browser के साथ जोड़ता है जहा हमने Domain name पर File Upload करते है। जिसके बाद Website पर डाला गया File जल्दी से जल्दी कम समय में लोगों तक पहुँचता है।

Web Hosting के प्रकार ?

  1. Shared Web Hosting Service.
  2. Reseller Web Hosting Services.
  3. Dedicated Web Hosting Services.
  4. Virtual Dedicated Web Hosting Service.
  5. Managed Hosting Service.
  6. Colocation Web Hosting Services.
  7. Cloud Hosting.
  8. Clustered Hosting.
  9. Grid Hosting.
  10. Home Server.
  11. Shared Web Hosting Service:

जैसे नाम से ही पता चलता है कि शेयर करना या साझा करना। इस तरह के Hosting में एक ही Server पर कई अन्य Website को रखा जाता हैं। आमतौर पर सभी domain सर्वर संसाधन का एक सामान्य पुल जैसा कि RAM और CPU साझा कर सकते है।

इस प्रकार की सेवा के साथ उपलब्ध सुविधाएँ Softwere और Update के मामले में काफी बुनियादी और लचिले नही हो सकती है। Reseller अक्सर साझा Web Hosting ही बेचते है यही करना है कि Web Companies के पास अक्सर Customers का Hosting प्रदान करने के लिए Reseller Accounts होते है।

  1. Reseller Web Hosting Services:

Web Hosting Companies Tai a z Web hosting बनने देता है। Reseller के Accounts आकार में काफी Differents हो सकते हैं। यदि आपको लगता है कि कोई आपको Hosting के अच्छे पैसे दे रहा है तो आप इसे आसानी से दुसरो को बेच सकते है और आप अपने Hosting के हिस्से करके भी बेच सकते है।

  1. Dedicated Web Hosting Services :

इस Hosting पर User अपने खुद के web Server को प्राप्त करता है। हांलाकि User आमतौर पर इस Hosting पर पूर्ण नियंत्रण प्राप्त करता है लेकिन User इस Server का मालिक ( Owner) नही होता है।

Dedicated Hosting पर लोग एक Blog और Website चला सकते है जिस पर जितना भी Traffic आए Loading Speed हमेशा अच्छी होती है। और इस Hosting के बहुत फायदे है। लेकिन जब आप Blog या Website बनाते है तो आपको इस Hosting को नही लेना चाहिए क्योंकि ये Hosting काफी मंहगा होता है।

  1. Virtual Dedicated Web Hosting Service:

ये Web Hosting महंगी होती है इसको उपयोग करने से Website Loading Speed बढ़ जाती है। यदि आपको लगता है कि आपकी Website या Blog पर ज्यादा Traffic आने लगा है तब आप इस Web Hosting का उपयोग कर सकते है

  1. Managed Hosting Service:

इस Hosting पर User को अपने खुद का Web Server मिल जाता है लेकिन इस पर पुर्ण नियंत्रण का अनुमति नही होता है। हांलाकि उन्हें FTP या अन्य (Remote Management Tool) के माध्यम से अपने Data को प्रबंधित करने की अनुमति रहता है उपयोग कर्ता आमतौर पर Server का मालिक (Owner) नही होता है। Server ग्राहकों को Rent पर दिया जाता है।

  1. Colocation Web Hosting Services :

Colocation Web Hosting Services Web Hosting के समान होता है। लेकिन User Colo Server का मालिक (owner) होता है। इस Hosting में Hosting Company ऐसा Space Provide करती है।

जो Server लेता है और Server का ख्याल रखता है। यह Web Hosting सबसे मजबूत (strong) और काफी महगां होता है। जहाँ तक देखा गया है कि Colocation Provider अपने Client के मशीन के लिए सीधे कोई समर्थन नही दे सकता, केवल Server के लिए बिजली, Internet का उपयोग और Space कि सुविधा Provider करता है।

  1. Cloud Hosting:

Cloud Hosting वो Method है जिसमें Customers की Recruitment Base 4 Customized Online Virtual Server create, Modify एवं Remove किए जा सकते है Cloud hosting Website Host, Email Store chat के लिए और Web-Based Service को Distribute करने के लिए इस्तेमाल करते है।

Cloud Hosting Help Website at Peck Load (Without Any Bandwidth Issue) Conveniently Manage fu a e क्योंकि इस Case में Cluster का Other Server Additional Resources उस Server को Offer करता है।

इस प्रकार cloud hosting, Cloud Computing 4 Base Technology form Storage, Network, Server 3 Application Services, Internet HGG Business User 311 Client | Provide किए जाते है।

  1. Clustered Hosting:

clustered Hosting भी माना जाए तो Coloud Hosting की तरह होता है इसमें आपको बहुत सारे Server दिए जाते हैं लेकिन यहाँ पर User को अपने अनुसार Hosting Server चुनना होता है अगर आपके Website पे लोग अलग अलग देश से आते है तो ऐसे में इस Hosting के मदद से आप अपना एक Hosting Server बना सकते है जिसमें सभी लोगों को आपका Website Fast Load हो सकें।

  1. Crid Hosting:

Crid Hosting का यह रूप तब होता है जब एक Server cluster Grid की तरह काम करता है। और Grid Hosting कई Nodes से बना होता है।

  1. Home Server :

Home Server निजी घर में रखी गई मशीन का उपयोग आमतौर पर उपभोक्ता Gread Broadband से एक या एक से अधिक Website के मेजबानी करने के लिए किया जा सकता है इस परपस (Purpose) से निर्मित मशीन या अधिक पुराने PC हो सकते है

कुछ ISP Users के Connection के TCP Port 80 के लिए आने वाले अनुरोध को अस्वीकार करके अस्थिर IP Addresses प्रदान करने से इंकार करके सकिय रूप से Home Server को अवरुद्ध करने का प्रयास करते है। एक गतिशील DNS सेवा IP Addresses को स्वचालित रूप से बदल देगी जो की IP Addresses बदलने पर एक URL को अंकीत करता हैं।

ब्लॉग के लिए नयेनये Topic कहाँ से लाएँ ?

दोस्तों ब्लॉग जब आप बना लेते है तो कुछ Topic आपको खुd लिख लेते है। लेकिन कुछ Post लिखने के बाद आपको समझ नहीं आता है कि क्या लिखे। ऐसे में आपको कुछ Update रहना पड़ेगा। जैसे कि News, Website और Social Media जहाँ से आपको अपने Post के लिए कुछ idea मिल सकें |

Blog पर Traffic कहाँ से लाएँ ?

दोस्तों शुरुआत में आपके Blog पर ज्यादा Views नही आते है ऐसे में आपको Social Media का सहारा लेना पड़ेगा। जैसेजैसे आपका Blog पुराना होता जाएगा आपका उतना अच्छा Traffic मिलेगा Views के लिए आपको SEO (Search Engine Optimization ) भी करना पड़ेगा। आगे हम बात करेंगे SEO क्या है और कैसे करें।

Blog कितने प्रकार के होते है?

  1. Personal Blog.
  2. Micro Blogging.
  3. Corporate Blog.
  4. Collaborative Blog Or Group Blog.
  5. Genre Blog.

6.Media Type पर आधारित Blog.

  1. Device Type पर आधारित Blog.
  2. Aggregated Blog.
  3. Personal Blog :

(व्यक्तिगत Blog) इस प्रकार के Blog में एक व्यक्ति की व्यकिक्तगत चालू डायरी या Comentry होती है वो Personal Blog व्यक्तिगत Blog होती है।

2.Micro Blogging :

Micro Blogging Digital जानकारी को छोटेछोटे हिस्से में प्रदर्शित करने का तरीका है जो पाठ, चित्र, Link, एवं अन्य Media के रूप में जो Internet पर उपलब्ध है Micro Blogging एक Portable संचार व्यवस्था है।

जिसे कई लोगो ने जैविक और सहज महसूस कर सार्वजनिक कल्पना का दर्ज हासिल कर लिया है जैसे Facebook, Twitte इत्यादि।

3.Corporate Blog :

एक ब्लॉग जिसे Private या Business कार्य के लिए बनाया गया है जिससे Business में आपसी संवाद बढ़ाने या फिर Marketing या फिर Public Relation को बेहतर बनाने के लिए.

  1. Collaborative Blog Or Group Blog :

वह ब्लॉग जिसे Post एक या एक से अधिक द्वारा प्रकाशित किया जाता है जैसे राजनीति, बॉलीवुड की नई तकनीक इत्यादि।

  1. Genre Blog:

Genre Blog जो कि एक Topic पर केन्द्रित होते है जैसेराजनीति, स्वास्थ्य, किताबें, फैशन तकनीक इत्यादि।

  1. Media Type पर आधारित Blog:

इस प्रकार के Blog में जिसमें Video होते है उसे (Vlog) कहते है। जिसमें फोटो होते है (Photo Blog) जिसमें Link होते है (Link Blog) और जिसमें स्केच होते है (Sketch Blog) कहते है।

  1. Device Type पर आधारित Blog :

इस प्रकार के Blog का प्रकार लिखें गए उपकरणों के आधार पर किया जाता है। जैसे PDA अथवा Mobile से लिखे गए Blog को Moblog कहते है।

  1. Aggregated Blog :

इस तरह के Blog में व्यकिक्तगत तौर पर कुछ लोग एक विषय पर जानकारी एकत्रित कर के पढ़ने वाले को संयुक्त जानकारी उपलब्ध करवा सकते है।

ब्लॉगिंग से कितने तरीकों से पैसे कमा सकते है ?

  1. Affiliate Marketing.
  2. Google Adsense Ads.
  3. Sell Ads Space.
  4. Sponsored Post Accept.
  5. Review Write.
  6. Mak Website Or Sell Websit.
  7. Sell Ebook.
  8. Sell Online Courses.
  9. E commerce Business.
  10. Members Only Content Create.

मैं आसा करता हु की जो जो मैं आपको बताया उसे आपको बहुत सी नई चीजे सिखने को मिली होगा और बहुत सारे आपके ब्लॉग्गिंग से जुड़ी हुई संदेह अस्पस्ट हो गए होंगे धन्यवाद।

आसा करता हु की अब आप जान गए होंगे की Blogging क्या है और Blogging से पैसे कैसे कमाए मैं आसा करता हु की आपका सारा डाउट ख़तम हो गया होगा अगर अभी भी कोई डाउट है तो आप कमेंट कर के पूछ सकते है मैं खुद कमैंट्स के जवाब देता हु. अगर आप चाहे तो इस ब्लॉग को अपने दोस्तों और परिवार के साथ शेयर कर सकते हैं और उन्हें भी आपने सेकंड इनकम सोर्स बनाने के लिए प्रेरित कर सकते हैं।

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