Windows 7 in Hindi:- अगर आप भी जानना चाहते हैं की विंडोज 7 (Windows 7 in Hindi) के बारे में वो भी हिंदी में तो आप बिलकुल सही वेबसाइट पे आए हैं यहाँ आपको मैं पूरी जानकारी मिलेगी की विंडोज 7 क्या है (What is Windows 7 in Hindi) और आप इसे कैसे इस्तेमाल कर सकते हैं वो भी संछेप में।

विंडोज 7 का परिचय (Introduction of windows 7 in Hindi)

पर्सनल कम्प्यूटरों में सबसे ज्यादा उपयोग किया जाने वाला ऑपरेटिंग सिस्टम हैविंडोज और विंडोज का अब तक का सबसे प्रचलित और लोकप्रिय संस्करण हैविंडोज 7′ है

माइक्रोसॉफ्ट ने अपने ऑपरेटिंग सिस्टम के इस संस्करण के माध्यम से केवल इसके पिछले संस्करणों यानी विंडोज एक्सपी और विंडोज विस्टा की कमियों को दूर किया है,

बल्कि कम्प्यूटर यूजर्स को एक बिलकुल नया इंटरफेस और एक्सपीरियंस के साथ ही सुरक्षा भी प्रदान करने की कोशिश की है। माइक्रोसॉफ्ट का सबसे विकसित, अनोखा एवं नवीनतम संस्करणविंडोज 8′ भी बाजार में चुका है।

क्या प्यास है विंडोज 7 में? (Features of Windows 7 in Hindi)

  • विंडोज ऐरो (Windows Aero): विंडोज ऐरो को पहली बार विंडोज विस्टा में प्रयोग किया गया था। यह विंडोज का नया ग्राफिकल यूजर इंटरफेस है जो कि हार्डवेयरआधारित है।

(Aero) Authentic, Energetic, Reflective, Open का लघुरूप है। पुराने इंटरफेस की तुलना में यह ज्यादा स्पष्ट लुक और सजीव आइकॉन्स प्रदान करता है।

  • फाइल को खोजना (Searching Files): अगर आप विंडोज एक्सपी का प्रयोग करते हैं, तो आपको पता होगा कि इसमें किसी भी फाइल को खोजने के लिए सर्च विंडो का प्रयोग करना पड़ता है, लेकिन इसके विपरीत विंडोज 7 में यह कार्य स्टार्ट मेन्यू में दी गयी सर्च बॉक्स से किया जा सकता है। यह सुविधा विंडोज विस्टा में भी दी गयी थी।
  • उन्नत डेस्कटॉप (Improved Desktop): विंडोज के डेस्कटॉप में कई प्रकार के परिवर्तन करके इस संस्करण के डेस्कटॉप को अब तक का सबसे बेहतरीन लुक प्रदान किया गया है। डेस्कटॉप के लिए डेस्कटॉप स्लाइडशो नामक टूल का प्रयोग किया गया है, जो डेस्कटॉप को समयसमय पर अपनाता रहता है।
  • लाइब्रेरी (Library): अगर आपने विंडोज एक्सपी का प्रयोग किया है, तो आप इसके माइ डॉक्यूमेंट (My Document)फीचर के बारे में जानते होंगे, जिसका प्रयोग सामान्यत: डॉक्यूमेंट्स स्टोर करने के डिफॉल्ट पाथ के रूप में किया जाता था।

इस स्थान पर विंडोज 7 लाइब्रेरीज (Libraries) नामक एक वर्चुअल फोल्डर दिया गया है, जिसका प्रयोग माइ डॉक्यूमेंट की तरह ही किया जा सकता है।

इस फोल्डर में चार सबफोल्डर होते हैं: डॉक्यूमेंट लाइब्रेरी (Document Librery), म्यूजिक लाइब्रेरी (Music Librery), पिक्चर लाइब्रेरी (Picture Librery) तथा वीडिया लाइब्रेरी ((Video Librery)

  • टास्कबार (Taskbar): विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम में टास्कबार सुविधा का प्रयोग पहली बार विंडोज 95 में किया गया था। विंडोज 7 में टास्कबार के फीचर्स में भी काफी बेहतर परिवर्तन किये गये हैं।

इसका टास्कबार अपने पिछले संस्करण के टास्कबार की तुलना में 10 पिक्सल चौड़ा है, जिसे आप अपनी सुविधानुसार छोटा भी कर सकते हैं।

इस टास्कबार में आइकॉन्स को जोड़ा जा सकता है और उन्हें स्विच भी किया जा सकता है। यह सुविधा क्विक लाँच टूलबार की तरह कार्य करता है, लेकिन बेहतर तरीके से।

  • थम्बनेल प्रीव्यू (Thumbnail Preview):विंडोज एक्सपी में जिस प्रकार से थम्बनेल आइकॉन दिया गया था, उसी प्रकार से थम्बनेल प्रीव्यू है, जिसका प्रयोग टास्कबार में किया जाता है।

टास्कबार में ओपन किसी भी विंडो के आइकॉन पर जब आप माउस का कर्सर ले जाते हैं, तो विंडोज एक छोटी विंडो स्क्रीन के रूप में उसका प्रीव्यू दिखाता है,

ताकि आपको यह पता चल सके कि उस विंडो में क्या दिया गया है, जैसे यदि आप आपके कम्प्यूटर में कोई वेब ब्राउजर ओपन है, जिसमें गूगल ओपन है,

तो इस प्रीव्यू में आपको गूगल का वेबपेज दिखायी देगा। यह शुरुआत वैसे तो विंडोज विस्टा से की गयी थी, लेकिन विंडोज 7 का थम्बनेल प्रीव्यू ज्यादा बेहतर है।

थम्बनेल प्रीव्यू में ओपन हुई छोटी विंडो के ‘x’ बटन पर क्लिक करके सम्बन्धित विंडो को बन्द भी किया जा सकता है तथा उस पर माउस ले जाकर सम्बन्धित विंडो के अस्थायी तौर पर ओपन भी कर सकते हैं।

  • स्टार्ट मेन्यू (Start Menu): विंडोज 7 में स्टार्ट मेन्यू के पुराने लुक को पूरी तरह हटा दिया गया है। इसमें एक ही पावर बटन है, जिसे आप किस रूप में प्रयोग करना चाहेंगे,

यह आप खुद निर्धारित कर सकते है (जैसे: Turn off, Sleep, Restart T Log off), सर्च विकल्प को सर्च टेक्स्ट बॉक्स (Text Box) के रूप में दिया गया है।

Document, Music तथा Picture जैसे फोल्डर्स के अतिरिक्त यूजर के नाम का फोल्डर भी दिया गया है, जिसमें उसके निजी डॉक्यूमेंट्स होंगे।

  • ऐरो पीक (Aero Peek): विंडोज के पुराने संस्करणों में टास्कबार में सबसे दायें ओर नोटिफिकेशन एरिया होता था, लेकिन विंडोज-7 में यहाँ एक नया टूल जोड़ा गया है, जिसेऐरो पीककहते हैं।

इस बटन का प्रयोग डेस्कटॉप और गैजेट्स प्रदर्शित करने के लिए किया जाता है तथा यदि इस पर क्लिक कर दिया जाये, तो सारे प्रोग्राम्स मिनीमाइज हो जाते हैं और दोबारा क्लिक करने पर मेक्सीमाइज।

विंडोज के घटक (Components of Windows 7 in Hindi)

डेस्कटॉप (Desktop)

कम्प्यूटर पूरी तरह आरम्भ होने के बाद आपको जो सबसे पहली चीज या स्क्रीन दिखती है वह है, विंडोज का इस डेस्कटॉप। इस स्क्रीन को डेस्कटॉप इसलिए कहा जाता है,

क्योंकि जिस प्रकार से हमारे घर की डेस्क यानी मेज पर हमारे कई आवश्यक डाक्यूमेंट्स होते हैं, उसी प्रकार, से विंडोज के डेस्कटॉप पर हमारि जरूरत की सभी चीजें मौजूद होती हैं,

जैसे कि आइकॉन, टास्कबार, स्टार्ट बटन आदि। इसे विंडोज का आधार भी माना जा सकता है, क्योंकि हमारी कम्प्यूटिंग के सारे कार्य डेस्कटॉप से ही शुरू होते हैं।

डेस्कटॉप में कई ऑब्जेक्ट पाये जाते हैं, जिनमें से प्रमुख निम्नलिखित हैं

  • रिसाइकिल बिन (Recycle Bin)
  • यन्त्र (Gadgets)
  • टास्कबार (Taskbar)
  • स्टार्ट बटन
  • फाइल्स तथा फोल्डर

ये सभी वस्तुएँ डेस्कटॉप पर हर समय हो, यह आवश्यक नहीं है तथा उनका क्रम भी अलगअलग हो सकता है, क्योंकि अलग अलग व्यक्ति अपनी मेज को अलगअलग तरीके से सजाते हैं।

डेस्कटॉप में प्रत्येक ऑब्जेक्ट या फाइल को एक छोटे चित्र द्वारा प्रदर्शित किया जाता है, जिसके नीचे उसका नाम भी लिखा होता है। इस चित्र को आइकॉन (Icon) कहा जाता है।

रिसाइकिल बिन (Recycle Bin)

अपने ऑफिस में कार्य करते हुए जब हमारे लिए किसी कागज या अन्य डॉक्यूमेंट किसी काम नहीं रह जाता, तो हम उस फाड़कर डस्टबिन में फेंक देते हैं।

विंडोज की रिसाइकिल बिन भी हमारे लिए यही कार्य करती है। अपने कम्प्यूटर में जब हम किसी अनावश्यक फाइल को डिलीट करते हैं, तो ड्राइव से मिटती नहीं है बल्कि रिसाइकिल बिन नामक फोल्डर में आकर सेव (सुरक्षित) हो जाती है,

जिसे सभी ड्राइव्स का एक निश्चित स्टोरेज इस प्रकार की फाइल्स को स्टोर करने के लिए दिया गया है। इस प्रकार से ये फाइल्स इस फोल्डर में सुरक्षित रखी रहती हैं ताकि अगर हम भविष्य में इसका प्रयोग करना चाहें, तो रिसाइकिल बिन से पुन: उसे एक्सेस किया जा सके।

गैजेट्स (Gadgets)

विंडोज विस्टा में एक नया साइडबार प्रदान किया गया था, जिसमें कई प्रकार के गैजेट्स का प्रयोग किया जा सकता था। विंडोज-7 में यह साइडबार नहीं है, लेकिन फिर भी इन गैजेट्स का प्रयोग किया जा सकता है।

ये 8 गैजेट्स असल में कुछ विशेष एप्लीकेशंस हैं, जो विशिष्ट उद्देश्यों की पूर्ति करते हैं, जैसे दिनांक प्रदर्शित करने के लिए ‘Calendar’ गैजेट, एनालॉग घड़ी के रूप में ‘clock’ गैजेट और मौसम की जानकारी तथा तापमान पता करने के लिए ‘Weather’ टूल

माउस पॉइन्टर (Mouse Pointer)

माउस पॉइन्टर डेस्कटॉप पर दिखायी देने वाला एक तीरनुमा (Arrow Shaped) चित्र होता है, जो कि कम्प्यूटर में माउस की उपस्थिति को दर्शाता है।

माउस का उपयोग करके किसी भी वस्तु का चयन काने के लिये माउस पॉइन्टर हमारी सहायता करता हैं। माउस पॉइन्टर अलगअलग कार्यों के लिए अलगअलग चित्रों को प्रदर्शित करता है, जैसे कि:

Mouse Pointer of Windows 7 in Hindi 

टास्कबार (Taskbar)

डेस्कटॉप में निचले स्तर पर स्थित वह स्ट्रिप जहाँ स्टार्ट बटन, नोटिफिकेशन एरिया, ऐरो पीक बटन आदि मौजूद होते हैं और जहाँ सभी ओपन प्रोग्राम व्यवस्थित तौर पर स्थित होते हैं,

उसेटास्कबारकहते हैं यानी ऐसा बार जिसका प्रयोग कम्प्यूटर के विभिन्न कार्य (टास्क) करने के लिए किया जाता हैं। इसे हम एक दराज मान सकते हैं,

जहाँ हमारे सारे ओपन प्रोग्राम्स रखे होते हैं, जिन्हें हम अपनी आवश्यकतानुसार एक्सेस कर सकते हैं। जब आप किसी प्रोग्राम को मिनीमाइज करते हैं,

तो वह टास्कबार में अपनेआप स्टोर हो जाता है, जहाँ क्लिक करके उसे दोबारा एक्सेस किया जा सकता है। यदि आप उस प्रोग्राम को बन्द कर देते हैं, तो उसका आइकॉन भी टास्कबार से गायब हो जायेगा।

स्टार्ट बटन (Start Button)

विंडोज एक्सपी के ‘Start’ मेन्यू बटन के स्थान पर विंडोज 7 में ‘Start’ बटन दिया गया है जिसका कार्य स्टार्ट मेन्यू ओपन करना (खोलना) ही है।

विंडोज-7 का स्टार्ट मेन्यू हमें स्टार्ट मेन्यू के सभी तत्व प्रदान करता है, साथ ही साथ डेस्कटॉप में बने प्रोग्राम्स शॉर्टकट्स, प्रोग्राम्स को एक्सेस करने की सुविधा भी देता है, जैसे कम्प्यूटर, इंटरनेट एक्सप्लोरर, डॉक्यूमेंट तथा कंट्रोल पैनल।

इन सबके अतिरिक्त हम स्टार्ट मेन्यू को अपनी आवश्यकतानुसार कस्टमाइज भी कर सकते है, जिससे इसे उपयोग करना और भी सरल हो जाता है।

कम्प्यूटर (Computer)

विंडोज 95 से विंडोज एक्सपी तक चले आयेमाइ कम्प्यूटर प्रोगामको विंडोज विस्टा में कम्प्यूटर टूल में परिवर्तित कर दिया गया, जहाँ से हइसका पुराने संस्करणों की तरह ही कम्प्यूटर के विभिन्न घटकों (हार्ड ड्राइव में सेव सभी फाइल्स) को एक्सेस किया जा सकता है।

किसी विंडो की संरचना (Structure of a Windows 7 in Hindi)

टेक्स्चुअल यूजर इण्टरफेस (TUI) या कैरेक्टर यूजर इण्टरफेस (CUI) पर आधारित ऑपरेटिंग सिस्टम्स में प्रोग्राम्स आरम्भ होने के लिए पूरी कम्प्यूटर स्क्रीन का उपयोग करते थें,

तथा किसी दूसरे प्रोग्राम का उपयोग करने से पहले प्रोग्राम को बन्द करना आवश्यक होता था। इनके विपरीत GUI पर आधारित ऑपरेटिंग सिस्टम्स में विंडोज जैसी सुविधाओं का उपयोग करके, हम अब एक साथ कई प्रोग्राम्स को रन कर सकते हैं

विंडोज वास्तव में एक आयताकार फ्रेम या बॉक्स होते हैं, जो सम्बन्धित प्रोग्राम्स तथा फंक्शंस का उपयोग करने के लिए एक इण्टरफेस प्रदान करते हैं। प्रत्येक ओपन विंडोज में हम कुछ विशेष तत्व दिखायी देते हैं, जिनका उपयोग करके हम उस विंडोज से सम्बन्धित कार्य करते हैं।

ज्यादातर विंडोज में बहुत से घटक समान होते है। यहाँ विंडो के उन घटकों के बारे में बताया गया है, जो लगभग सभी विंडो में पाये जाते हैं।

टाइटल बार (Title Bar): किसी भी प्रोग्राम विंडो का सबसे ऊपरी भाग उसका टाइटल बार होता है जहाँ सेव (सुरक्षित) किये गये प्रोग्राम का नाम दिखायी देता है।

अगर फाइल सेव (सुरक्षित) नहीं है, तो फाइल के नाम के स्थान पर प्रोग्राम के अनुसार नाम दिखायी देता है। जैसे कि, एम एस वर्ड में Document, एम एस एक्सेल में Book-1, पॉवरपॉइंट में Presentation तथा इंटरनेट फाइल्स में फाइल का पाथ इसके अतिरिक्त टाइटल बार में सिस्टम आइकॉन भी प्रदर्शित होता है। टाइटल बार पर आपको निम्न लिखित महत्त्वपूर्ण विकल्प प्राप्त होते है:

सिस्टम मेन्यू (System Menu): सिस्टम मेन्यू का प्रयोग ओपन विंडो को मूव, मिनिमाइज रिस्टोर, क्लोज, मैक्सीमाइज करने के लिए किया जा सकता है।

कंट्रोल बटन्स (Control Buttons): इन बटनों का प्रयोग ओपन विंडो को कंट्रोल करने के लिए किया जाता है, जैसे विंडो को मिनिमाइज, मैक्सीमाइज, रिस्टोर या बन्द करने के लिए।

वैसे तो इस समूह में चार बटन्स होती हैं, लेकिन एक बार में केवल तीन ही दिखायी देती हैं, क्योंकि बीच की बटन मैक्सीमाइज और रिस्टोर में स्विच होती रहती है। इस समूह की बटन्स हैं:

  • मिनिमाइज बटन (Minimize Button): ओपन विंडो को टास्कबार में मिनीमाइज करने के लिए।
  • मैक्सीमाइज बटन (Maximize Button): प्रोग्राम विंडो को छोटे आकार से पूरी स्क्रीन पर विस्तारित करने के लिए।
  • रिस्टोर बटन (Restore Button): विंडो के पूर्ण स्क्रीन पर विस्तारित होने के बाद मैक्सीमाइज बटन रिस्टोर बटन में परिवर्तित हो जाती है। इससे विंडो को वापस पुराने में लाया जा सकता है।
  • क्लोज बटन (Close Button): इस बटन का उपयोग हम अपनी प्रोग्राम विंडो को बन्द करने के लिए करते हैं।

डायलॉग बॉक्स (Dialog Box)

डायलाग बॉक्स भी एक प्रकार की विंडो होती है, जो सम्पूर्ण प्रोग्राम तो नहीं, अपितु प्रोग्राम्स के कुछ सामान्य कार्यों को प्रदर्शित करती है, जिनका चयन करके हम उस प्रोग्राम से सम्बन्धित कुछ विशेष कार्य कर सकते है।

वास्तव में डायलॉग बॉक्स शब्द की उत्पत्तिडायलॉग‘ (Dialogue) शब्द से हुई है, क्योंकि इस बॉक्स के फंक्शन हमें यह बताते हैं कि जिस प्रोग्राम का हम उपयोग कर रहे हैं, उसका व्यवहार तथा कार्य कैसा होगा। डायलॉग बॉक्स में सामान्यत: निम्नलिखित घटक सम्मिलित होते हैं:

  • टैब (Tabs): कई बार कुछ विशेष प्रकार के डायलॉग बॉक्स में ऐसे कंट्रोल सम्मिलित होते हैं, जिन्हें एक से ज्यादा बॉक्स में फिट किया जा सकता है। इन कंट्रोल्स के विकल्पों को उनके कार्यों के अनुसार अलगअलग भागों में विभाजित कर दिया जाता है, डायलॉग बॉक्स के इन भागों को हमटैबकहते है।
  • पुश बटन (Push Buttons): पुश बटन डायलॉग बॉक्स मे उपस्थित वे बटन होते है, जिनका उपयोग करके हम डायलॉग बॉक्स के किसी कार्य को आरम्भ या समाप्त करते हैं

सभी डायलाग बॉक्स में मुख्य रूप से तीन प्रकार के पुश बटन होते है। पहली OK जिस पर क्लिक करने पर डायलॉग बॉक्स का कार्य पूर्ण हो जाता है तथा वह बन्द हो जाता है,

दूसरी Cancel जिस पर क्लिक करने पर डायलॉग बॉक्स पर किये गये परिवर्तन लागू नहीं होते हैं तथा डायलॉग बॉक्स बंद हो जाता है, तथा तीसरी Apply जो कि OK के समान ही कार्य करती है, लेकिन केवल किये गये परिवर्तन को लागू करता है।

  • रेडियो बटन या ऑप्शन बटन (Radio Button or Option Button): रेडियों बटन या ऑप्शन बटन डायलॉग बॉक्स की वह बटन है, जिनका उपयोग करके हम डायलॉग बॉक्स में प्रदान किये गये कई विकल्पों में से एक और केवल एक ही विकल्प, का आप चयन कर सकते हैं। इस प्रकार के बटन तब काफी उपयोगी होते हैं, जब दिये गये विकल्पों में से कोई एक ही सही हो
  • चेक बॉक्स (Check Boxes): चेक बॉक्स डायलाग बॉक्स में उपस्थित वे वर्गाकार बॉक्स हैं, जिनका उपयोग हम किसी विकल्प को ऑन या ऑफ करने के लिए करते हैं ये बॉक्स रेडियों बटन से बिलकुल विपरीत होते हैं,

क्योंकि इनके उपयोग से हम एक साथ कई विकल्पों का चयन कर सकते हैं। किसी चेक बॉक्स को चयन करने के लिए हम उस पर क्लिक करते हैं तथा अचयनित करने के लिए उसी पर दोबारा क्लिक करते हैं।

  • कॉम्बो बॉक्स या ड्रॉपडाउन लिस्ट (Combo Box or Drop-Down List): जैसा कि नाम से ही पता चलता है, कॉम्बो बॉक्स या ड्रॉपडाउन लिस्ट एक ऐसी लिस्ट है, जो रेडियों बटन की तरह ही कार्य करती हैं।

कॉम्बो बॉक्स में एक ‘v’ आकार या डाउनऐरो होती है, जिस पर क्लिक करने पर एक ड्रॉपडाउन लिस्ट ओपन होती (खुलती) है, जिसमें से हम किसी एक विकल्प का चयन कर सकते हैं।

  • स्पिनर (Spinner): स्पिनर ऐसे टेक्स्ट बॉक्स होते हैं, जिनका उपयोग किसी संख्या, दिनांक या समय से सम्बन्धित कार्यों के लिए किया जाता है। स्पिनर में दो प्रकार की अप तथा डाउन ऐरो होते हैं, जिनका उपयोग करके दी गयी संख्या को घटाया या बढाया जाता है।
  • लिस्ट बॉक्स (List Box): लिस्ट बॉक्स कई वैकल्पिक विकल्पों की एक लिस्ट है, जिसमें से हम किसी एक या कुछ विशेष परिस्थितियों में एक से ज्यादा विकल्पों का चयन कर सकते हैं। लिस्ट बॉक्स वैसे तो ड्रॉपडाउन लिस्ट की तरह ही होता है, लेकिन इसमें लिस्ट पहले से ही ओपन (खुली) होती है और हमें केवल उनमें से विकल्पों का चयन करना पड़ता है।
  • टेक्स्ट बॉक्स (Text Box): डायलॉग बॉक्स में टेक्स्ट बॉक्स का उपयोग किसी टेक्स्ट द्वारा कोई कार्य करने के लिए करते हैं। उदहारण के लिए, स्क्रीन सेवर टैब से टेक्स्ट को स्क्रीन सेवर के रूप में लागू करने के लिए टेक्स्ट बॉक्स का उपयोग किया जाता है।

https://youtu.be/vL9V1gvQ-nI

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मैं आसा करता हूँ की आपको बहुत सारी जानकारी मिली होगी विंडोज 7 (Windows 7 in Hindi) के बारे में और अब आप प्रैक्टिकल कर के भी देख सकते हैं ताकि आपको और भी अच्छे से समझ आजाएगा अगर आप और भी जानना चाहते हैं डिटेल में तो यहाँ क्लिक करें।