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  • छलिया
  • अफसाना (गीत)
  • तृष्णा
  • मधुर मिलन
  • नन्ही पुकार
  • पहला प्यार
  • इंतजार कयामत तक
  • परम वीर
  • मस्तानी बिरहन
  • आवाज धड़कनों
  • संकल्प
  • सुनो पथिक
  • चिर प्यास
  • शब्द
  • मैं और ये मौसम
  • कर्तव्य
  • संगीत
  • मित्र
  • साहित्य अच्छी बढ़िया
  • रंग

छलिया Poems in Hindi for Class 9 Students

मुझी से मुझको चुरा लिया, ये कैसा जादू चला दिया ? तेरी मीठीमीठी बातों ने, छलिया मुझको बना दिया।

सब कुछ नया सा पाती हूं, बिन कारण मुस्काती हूँ। मैं तो, तेरी दीवानी हूँ, क्या मैं भी तुझको भाती हूँ?

जो खुद को देखू दर्पण में, अक्स तेरा मैं पाती हूँ। इतना मैं तुमसे प्यार करूँ, क्या याद कभी मैं आती हूँ ?

क्यों मुझको मुझसे चुरा लिया ? यूं दिल दीवाना बना दिया। क्यों अपने प्रेम के रंगों से, ये जग रंगीला बना दिया ?

अफसाना (गीत) Poems in Hindi for Class 9

तू हमसफ़र मेरा, तूही जरूरत है। सदा जो दिल में है, वो तेरी मूरत है दिल में जो था मैंने वो कह दिया, मेरे सनम, मेरे पिया।।

कभी खामोशी में कभी मेरी बातों में, नज़र तू आता है मेरे ख्यालों में तेरी ही खातिर ये जीवन जिया, हर पल तेरा इंतजार किया ।।

तू हमसफ़र मेरा, तूही जरूरत है। सदा जो दिल में है, वो तेरी मूरत है

कभी जो आते हो, नजर झुक जाती है, झुकी ये नज़रें फिर, तुझे बुलाती हैं तेरा ही मुझपे है छाया जूनून, हमदम मेरे तू मेरा सुकुन

तू हमसफर मेरा, तूही जरूरत है। सदा जो दिल में है, वो तेरी मूरत है

तृष्णा Poems in Hindi for Class 9

कशिश है तुझमे कोई, जो मुझे खींच लाई चाहती थी दूर जाना, तेरी ओर खिची आयी ।।

इक पल ना जी सकी, तेरी याद बहुत आयी पलटकर, इसलिए मैं, तेरी पास लौट आई ।।

कहने को बहुत कुछ था, मुँह खोलते घबराई चुप छुपी की चुप में, हर बात कह सुनाई ।।

दर्द इस बात का है, तुझे समझ नहीं आई बंद होठों ने जो, दास्तानें दिल सुनाई ।।

काश कभी गौर से, इन आँखों में देखा होता तेरे हर सवाल का, जवाब मिल गया होता ।।

बेकरार इस दिल को, करार मिल जाता जो हमसफर बन कर, तू पास मेरे आता ।।

तुम कुछ ना जान पाये, मैं सब कुछ सह रही थी चुपचुपी की चुप में, हर बात कह रही थी ।।

मधुर मिलन Poems in Hindi for Class 9

तुम जो मिले जिन्दगीको, तान जैसे मिल गई मंद होती धड़कनों को, जान जैसे मिल गई ।।

भवंर फसी नैया को, पतवार जैसे मिल गई सूखते उपवनको, फूहार जैसे मिल गई ।।

सिलसिला इस प्यार का, दूर तलक जाएगा अपने मधुर मिलन की, दास्तानसुनाएगा ।।

बंद होगी धड़कनें, प्यार मिट पाएगा अथा प्रेम प्यार का, अफसाना ये कहलायेगा ।।

तुम जो मिले जीने की, राह जैसे मिल गई मंद होती धड़कनों को, चाह जैसे मिल गई ।।

सांसें मेरी अब तेरी, कर्जदार जैसे बन गईं ज़िन्दगी के गीत को, सुरों में समो गई ।।

नन्ही पुकार Poems in Hindi for Class 9

बच्चों को बच्चा रहने दो, बच्चों से बचपन छीनो इन हाथों में किताबें हो, शिक्षा इनसे ना छीनो ।।

इन् कोमल मन के बच्चों से, इनकी चंचलता ना छीनों मंज़िले मुश्किल हैं इनकी, पर रास्ता इनसे ना छीनो ।।

खिलौने इनकी दुनिया हैं, खिलौना इनसे ना छीनो आकाश को छूना चाहते हैं, धरती इनसे ना छीनो ।।

घर बाहर के झगड़ों में, बच्चों को तुम ना घेरो दुनिया इनकी आनन्द भरी, चंदनिया इनसे ना छीनो ।।

बच्चों को बच्चा रहने दो, बच्चों से बचपन ना छीनो बच्चों की अपनी दुनिया है, ये दुनिया इनसे ना छीनो ।।

पहला प्यार Short Poems in Hindi for Class 9

मेरी जिन्दगी में तुम्हारा, वो पहला कदम, जैसे फूलों से महक, उठा हो इक चमन

इस चमनके हर फूल को, सजाया है मैंने, जाने क्यों, वो रहते हैं कुछ सहमे ।।

कुछ कहना चाहते हैं, पास भी आते हैं, होंठ खोलते ही, वापस चले जाते हैं

क्या इसी हिचकिचाहट 8 का नाम है प्यार? अगर हाँ,

तो काफी है सिर्फ, उनका दीदार ।।

इंतजार कयामत तक Short Poems in Hindi for Class 9

हो गई हूं मैं बेहाल, करके तेरा यूँ इंतज़ार

अब इत्तजा है इतनी, कि कयामत आजाये

पर उस कयामत से पहले. इक बार तू आजाये।

परम वीर Poems in Hindi for Class 9

देश की रक्षा को,

धर्म अपना बनाने वाले, जान हथेली पर रख कर, सबकी जान बचाने वाले।

खतरों भरी इस राह को, हंसकर गले लगाने वाले, मातृभूमि के ऋण को, लहू से अपने चुकाने वाले

गर्व से सीना भर जाता है, कुर्बानियां जो याद करती हूँ, ऐसे वीर जवानों को मैं, शतशत प्रणाम करती हूँ ।।

मस्तानी बिरहन Poems in Hindi for Class 9

सफर है ये अंजाना सा पलपल चलती जाती हूँ, मंजिल से हूँ बेखबर, लक्ष्य पाना चाहती हूँ ।।

क्या समझू संघर्ष इसे ? या फिर मेरा पागलपन ? मन बावरा पी संग लागे, कैसा ये दीवानापन ?

विफलताओं से नहीं डरूं, गिरकर उठना जानती हूँ कोशिशों की कमी नहीं, अपना तुमको मानती हूँ ।।

माना सफर है अंजाना, हूँ मंजिल से बेखबर फिर भी चलना चाहती हूँ, आगे बढ़ना चाहती हूँ ।।

आवाज धड़कनों की Poems in Hindi for Class 9

तू मेरे दिल की धड़कन है, मेरा रोमरोम ये मानता है तू माने या फिर ना माने, जग सारा ये सच जानता है ।।

तू पतंग है मैं हूँ डोरतेरी, तू भंवरा है मैं तेरी कली सब महल दो महले छोड़ के मैं, बस बस जाऊंगी तेरी गली ।।

तू क्यों ना सच ये जाने प्रिये, घड़कन दिल से जुदा नहीं ये फूल, ये मेघा, नदियां लहरें है कौन जो तुम पर फिदा नहीं ?

ना हीरे मोती चांदी सोना, श्रृंगार मेरा फूलों का गहना नैनों में सजाकर प्यार का काजल, निहारू तोहे जैसे बिजली को बादल ।।

कभी दर्पन के तू सामने जा, और देख ले मैं हूँ तेरी छवी कोई कवि क्या रचना करे मेरी, जब अपना कवि हो महाकवि ।।

संकल्प Poems in Hindi for class 9

एवरेस्ट सा संकल्प लिए पूरी करने जीद अपनी पर वह हर भरम तोड़ने मेरे संकल्प को

मैं आज निकला हूँ मुझे पता है कि मैं लाचार हूँ एक दया का पात्र भर आज निकला हूँ

हे ! धरा हे ! गगन तुम सुनो ये तन की लाचारी तोड़ नहीं सकती तारे तोड़ने गगन से मैं आज निकला हूँ

लांघ लूंगा मैं सारी दुश्वारियों को हे ! विधाता मैं चुनौती देता हूँ तुम्हें

तेरा दिया हर दुर्भाग्य सहर्ष स्वीकार है मुझे कभी रोउँगा नहीं बनूँगा मैं

स्वयं का भाग्य विधाता दर्ज करने अपनी कहानियाँ पन्नों में मैं आज निकला हूँ।

सुनो पथिक Poems in Hindi for Class 9

यौवन के मद में चूर पथिक ठहरो थोड़ा विचार करो।

मानवता लज्जित हो जाए, ऐसा व्यापार करो।

कलुष भाव में लिप्त रहते हो, और कुत्सित विचारों में।

माँ की ममता को करे शर्मिंदा, रहते ऊन व्यवहारों में।

जिस जननी का दूध पिया तू, चला जनक की उंगली थाम

उनकी आँखों में आँसू दे, करते अपनी सतरंगी शाम

बहनबेटियाँ नही सुरक्षित, भला कैसे प्रहरी हो तुम।

क्या कलेजा तेरा फटता है, निर्भया, शांभवी की चीखें सुन

करो विचार निज का तुम, हे यौवन के मतवाले।

जो बोवोगे वही फलेगा, फिर तुमको कौन संभाले।

चिर प्यास Poems in Hindi for Class 9

हे ! प्रिये आज कर ही लूं मैं तेरे कणकण से साक्षात्कार अपनी आकांक्षाओं को

आज लगा दे मैं पर और दे दूं अपनी कल्पनाओं को अनन्त विस्तार आखिर कब तक

मुक देखूँ तुझे तेरे में ही मग्न युगों तक का सफर कैसे करूँ तय थकने लगे हैं पाँव अब

पर हार कैसे मान लूँ कब तक रहूँ खोई मैं जैसे बाँसुरी में रागिनी विस्तृत नीले वितान तले

पंक्षियों के संग उड़ ले मैं भी आँखों से नाप ले नीले समन्दर को तेरा विराट

सौम्य सा रूप भर लूँ दृगों में बुझा लो युगों की चिर प्यास।

शब्द Poems in Hindi for Class 9

शब्द! मेरे अंतर को छूता स्वयं में प्राण में घुलता तेरा हर शब्द.

आत्मसात करती मै छुपा लेती मैं मौन में मेरा मन।

शब्द विहीन व्याख्या से परे तुझे बांधती परिभाषा में मेरी मौन की भाषा।

निःशब्द होती मैं तेरे हर शब्द पर।

मैं और ये मौसम Poems in Hindi for Class 9

मैं आया था तेरे दर पर उम्मीदों के संग ये मौसम

मैं, तुम और मेरी छतरी संगसंग चलेंगे कहीं दूर तलक

पर मैं टूटे अरमानों के संग जा रहा हूं तन्हा ऊँचे महलों में

कहीं गुम हो गए मेरे ख्वाब जो देखे थे मैंने तेरी आँखों से

ये सावन की झरी भिगो देती है ऊँची अट्टालिकाओं को पर नहीं भीगो पाती

उनमें रहने वाले लोगों का मन शुष्क हृदय शुष्क ही रहता है कहाँ होता है नम

नही होती है गिली मन की मिट्टी तुम कहाँ थे अलग तोड़ दिया

मेरा सारा भ्रम….. तभी तो आज थके पाँव

लौट चला हूँ तेरी गलियाँ छोड़ नहीं आज अलग मैं और ये मौसम उमड़ रही हैं

काली घटाएँ बाहर और मेरे भीतर भी बरस रही हैं

आँखें और घटाएँ आज संगसंग और मैं हूँ नितांत तन्हा

कर्तव्य Poems in Hindi for Class 9

कर्तव्य पथ पर रहोगे अडिग, संकल्प आज तुम कर लो।

काम आओगे मातृ भूमि के, मन में भाव ऐसा भर लो।

अहले वतन की खातिर, कितने वीरों ने दी है बलिदान

पहचान रखोगे तुम अक्षुण्ण, बढ़ाओगे भारत की शान

अपने पुत्रों के कृत्यों पर, भारती आज लजाती है।

दरिंदगी को देख चरम पर, अश्रु में डूब जाती है।

बेटों ने फिर डाल दिया है, अपने ही हाथों जंजीर लो प्राण तुम बदल दोगे,

कलुषित भारत की तस्वीर

काटोगे कुकृत्यों की बेरियाँ, माँ भारती होंगी मुक्त। निर्मलता लाओ आँखों में,

मन पावन, हृदय करुणा युक्त

संगीत Poems in Hindi for Class 9

जीवन है सुर साधना, साध प्रकृति की छांव। लय में बहती जाएगी, जिन्दगी की नाव

समय सदा गतिशील है, जाता पलपल क्षीण। डूब रहे स्वरागिनी में, कौन बजाता बीन

धरती का रंग हराभरा, नभ श्यामल धनश्याम हर कानन वृंदावन सा, सुरमई सुबहशाम

अनहद नाद है छेड़ता, हरपल सागर खार। जल तरंग लगता है, बजता हुआ सितार।

राग मधुरिम गूँज रहा, बैठो संग मनमीत कणकण में फैला है, मधुरमधुर संगीत

मित्र Poems in Hindi for Class 9

अजब अनोखा भाव भरा, एक रिश्ता इस जग में है।

नही वह रक्त संबंध है पर, दौड़ता जैसे रगरग में है।

रिश्तों में नातों में, इन कसमों में वादों में एक दूजे संग रहे बंधा, मन के सच्चे ईरादों में

स्वार्थ भरी इस दुनिया में, कोई कृष्णसुदामा का मित्र है

पलपल छलते एक दूजे को, कागज के फूल में लगा इत्र है।

था मित्र एक पांचाली का, जहाँ पाँच पति भी थे विचार

चीर बढ़ा कर लाज बचाई, सुनकर करुण सी पुकार

सुखदुख में जो साथ छोड़े, हर जख्म वह सहलाता है।

बिन कहे हर भाव को समझे, सच्चा मित्र वही कहलता है

साहित्य अच्छी बढ़िया Poems in Hindi for Class 9

साहित्य अच्छी पढ़िए, पढ़िए वेद, पुराण। पापपुण्य का ध्यान कर, कीजिए कर्म स्थान।

स्थिर रहिए सुखदुख में, होकर स्थितप्रज्ञ। कर्म गति पहचानिए, बनिए आप सुविज्ञ।

दया धर्म अपनाइए, सब जीवों से प्यार। ईश ने सब मुरत गढ़ी, सब जानिए एक परिवार

मातापिता भगवान सम, सेवा करिए आप। दुर्भाग्य मिटेगा आप ही, घूलेंगे सारे पाप।

सुसंगत में बैठिए, प्रखर होगा व्यक्तित्व। मैं विचारों के धूलेंगे, निखरेगा निज अस्तित्व

रंग Poems in Hindi for Class 9

आँखें होती सपने बिन तब, होता जीवन बेरंग।

आँखों में सपने जब सजते, जीवन में भरते रंग।

मिट्टी के रंग एक है, एक ही लहू के रंग।

अक्ल पर पट्टी बंधी, मानसिकता हो गई तंग।

यह रंग बदलती दुनिया है, यहाँ लोग बदलते रंग।

उन्हे देख गिरगिट भी, रह जाता है दंग।

https://www.youtube.com/watch?v=KGkDX8df1P0

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