Short Poems in Hindi:- If you searching for the best Short Poems in Hindi then you are in the right place. Here I’m sharing with you unique Short Poems in Hindi which is really amazing and interesting I’m sure you will like it and appreciate it. These short poems also encourage you in your life.

1.इश्क Short Poems in Hindi

संगीत के सुरों जैसा ग़ज़ल की नाजुक बयानी सा तेज बहते झरने के प्रवाह सा पपीहे की प्यास फूलों की खुश्बू सा

और बहारों की मस्ती सा होता है इश्क ज़िन्दगी में इन्द्रधनुषी रंग बिखेरता इश्क खड़ा कर दिया जाता है समाज के

कटघरों में कोई गवाह सबूत फिर भी नाकरदा गुनाहो की सज़ा भुगतता इश्क खिल उठता है सरसों के खेत सा

गूँज उठता है दिलो दिमाग में अनहद नाद सा मासूम पाक बिना रसीद के भुगतान सा इश्क़

  1. वही हुआ Short Poems in Hindi

दिन ढले शाम जब पसर रही थी धूप सीढियाँ उतर रही थी मै चढ़ रही थी, ठीक उसी वक़्त ख्यालों के छज्जे पर

मेरे दिल का एक कोना जो आरक्षित था सिर्फ़ तुम्हारे लिए उस पर जमी बर्फ पिघल रही थी दोपहर और शाम के

बीच पसरे सन्नाटे सी पर तेरी यादें दे रही थी मुझे आवाजें बारबार कैसे ना जाने हमारी राहें हो गयी थी जुदा एक दिन

जबकि शामिल थे मेरे अंदाज़ में तेरे वजूद के चंद टुकड़े किताबी, ना फिल्मी थी हमारी प्रेम कहानी

जो होता कोई सुखद अंत वही हुआ जो होता आया है लगभग हर प्रेम कहानी का हश्र

  1. दुआ करो Short Poems in Hindi

उदास है गर्दिशों की परछाई से पूनम का चाँद, ग्रहण लगे चांदनी बनी रहे स्याह हुआ आसमान,

क़ैद में है परिंदे दुआ करो परिंदे भूलें उड़ना और धूप खिली रहे ज़र्द पत्तों की अपनी कहानी

तूफान थमा रहे नमी बनी रहे, लम्बी हो काली अमावस की रात दुआ करो शमा जलती रहे

जुगनुओं की कतारें भी चलती रहे मौसम कितने भी सर्द क्यों हो?

पर दिलों में दर्द रहे दुआ करो ज़िंदादिली बनी रहे जो कुछ भी हो रहा धरती से आसमान

तलक उस पर सोचते रहने की रवायत बनी रहे आओ मिलकर दुआ करें ये खुशहाली बनी रहे।

  1. मैं भी तुम्हारी तरह इंसान हूँ Short Poems in Hindi

अजायबघर का बुत नहीं हूँ मैं ना ही जिंदा लाश हूँ मैं भी तुम्हारी तरह इंसान हूँ ख्वाहिशों का पूरा आकाश हूँ

तुम रहो अपनी खुशियों और कहकहों के साथ पर मुझे भी मेरा साज़ दे दो जब पाती हूँ बहुत बार खुद को अकेला

तो चाहती हूँ कि तुम मुझे आवाज़ दे दो पर तुम्हारा गर्म मिज़ाज अब और नही होता है बर्दाश्त तुम रहो अपने मिज़ाज,

अपने पैसे अपनी खुशियों के साथ पर मुझे मेरे ख्वाब दे दो।

  1. औरत Short Poems in Hindi

औरत जब प्यार में होती है तो सहेजती है संभालती है संजोती है सब संवारती है खुद को और करती है हर पल न्यौछावर

उस पर वो जिसके लिए करती है उसके घर को आबाद, अपेक्षित अगर होती है औरत तो पहले सिमटती है सिकुड़ती है

फिर बिखेरती है बिगाड़ती है और कर सकती है उसे पूरी तरह से बरबाद जिसे कभी करती है खुद से भी ज्यादा प्यार।

  1. लाल रंग Short Poems in Hindi

सदियों से चलता रहा है और चलता ही रहेगा जाने कब तक हना भी होगा चुप रहना भी होगा लाल रंग है जिंदगी का

उपजती है पूरी कायनात इसी से भला फिर ये कैसे हुआ मलिन मैं तो बहूँगी खुल के कहेंगे चुप रहूँगी अब खुल के

जियूँगी कहते रहे लोग रसोई मंदिर में जा दाग छुपा, सपने सजा वही खून बहता है नसों में जब माँ दूध पिलाती है

तब भी बच्चा खिलाती है तब भी भला फिर ये कैसे हुआ मलिन मैं तो बहूँगी खुल के कहूँगी चुप रहूंगी अब खुल के जिएंगे।

  1. कामकाजी माँ Short Poems in Hindi

अपने मासूम छोटे बच्चे को छोड़ रोज़ पीठ कर हर सुबह काम पर जाना आसान नही होता किसी कामकाजी माँ के लिए

कई बार बटोरना चाहती है वो फुरसत के कुछ पल नन्ही मुस्कान के साथ महसूस करना चाहती है उसकी अठखेलियां

उसके नन्हे हाथों की अपने गालों पर सहलावट देखना चाहती है गौर से उसकी आँखों में टिमटिमाते चाँद तारों को

पर चूक जाती है कई बार सुनने को बच्चे की पहली पुकार पहला उठा कदम अपने बच्चे का रोज़ सुनती है

उसकी नामौजूदगी में दिन भर दरवाज़ा ताकने की बात महसूस करती है ज़रा सी आहट पाते ही बच्चे का दौड़ कर

आनागले से लिपटना चूमना और निहारिका, असमंजस में रहती है हमेशा कामकाजी माँ कई बार करना पड़ता है उसे

मुश्किल चुनाव ऑफिस में पड़े हुए जरूरी प्रोजेक्ट और बीमार बच्चे के बीच रात भर बच्चे को थपथपाती सम्भालती,

सहलाती सुबह छुट्टी मिलने पर मन मसोसती अधखुली आँखो से उनीदें मन से अनमनी सी दौड़ती दो पाटों में खुद को

पीसती चल देती है काम पर दोहरापन जीती रुंधे गले से हँसती खुद में हर पल मर मर कर जीती रह सकती है केवल एक

कामकाजी माँ बच्चे की ख्वाहिश पूरी करने की कोशिश में खो देती है  कई बार छोटे छोटे पलो की बड़ी  खुशियाँ

कामकाजी माँ को रखना पड़ता है पल पल का हिसाब बन के रहती है वह उम्र भर वक़्त की गुलाम।

  1. यही तो प्यार है Short Poems in Hindi

जब तुम करो अपने दिमाग के आँगन में खिले फूलों को, किसी दिल के बगीचे में रोपित करने की कोशिश

तो वो प्यार नही होता प्यार तब होता है जब भूल जाओ तुमअपनी ही प्यास अपने हिस्से के पानी का करो इस्तेमाल

सींचने को दूसरे दिल के बाग जब तुम करो महज़ काया की बात कर सको स्पर्श चमड़े की तहो पीछे छिपी

अन्तर्मन की दीवार तो वो प्यार नही जब मन का द्वार खुले पहले और खुल जाए सब द्वार फिर अपने आप

वही प्यार होता है अगर हो संचारी भाव जैसे भाव उमड़ते हो घुमड़ते हो पानी के बुलबुले से फूटते और बनते हो

तो नही है वो प्यार परिपक्व सा मन में समाया चिरस्थायी का भाव बदल सके जिसे वक़्त और हालात

वही प्यार होता है कर दे मज़बूर तुम्हें होने को जो तुम थे या हो जाओ तुम वो जो तुम होना नही चाहते थे तो वो प्यार नही

जहाँ औपचारिकता का औचित्य हो जाए ख़त्म हो सभ्यताओं के दायरे से परे जो अपना सके पहले खामियां तुम्हारी

हो जिसमें सम्पूर्ण संस्कृत का संवाद वही प्यार होता है जब प्यार से छलकने लगे कुछ तीव्र से एहसास

ज़रा सा मौसम बदले और उग आए जज्बातों पर कैक्टस सी घास तो वो प्यार नही होता जब हो जाए तन मन

निर्मल, सहज दूरियां, दूरियां लगे अलविदा में हो अलविदा जैसी कोई बात गहरे हो ज़ज़्बात मैं और

तुम का मिट जाए भेद और एक दूसरे में सिमट जाए पूरा वजूद वही तो प्यार है।

  1. उम्र के आखिरी छोर तक Short Poems in Hindi

तारो से भरे आकाश की झिलमिलाहट थपथपाती है आशा भरे लम्हों की पीठ सहलाती है हताश लम्हो के गाल

आते और जाते लम्हो की नोक झोंक में उम्र के आखिरी छोर तक उलझा रहता है मानस मन नही रख पाता हिसाब

सूखे पत्तों की तरह लगातार झड़ रहे बेहिसाब लम्हों का जो ख़ाली कर रहे हर रोज़ वक़्त के पेड़ की शाखाएं

दुनियां के तमाम ज़ज़्बातों से परे हर लम्हे का होता है अपना एक अलग अतार्किक और रहस्मयी अस्तित्व।

  1. स्वीकार कर Short Poems in Hindi

यूँ ही राह चलते कोई हादसा हुआ पाँव टूट गया, आँख फूट गई या मन मर गया या कोई लूट गया कर खुद को स्वीकार तू

जी भर के जी ज़िन्दगी क्योंकि अभी बहुत कुछ बचा है बहुत कुछ भरा है कर स्वीकार तू क्योंकि स्वीकार जीत है

और निषेध हार दोस्त, रिश्तेदार और पड़ोसी है सबमें खामियां तेरी ही तरह, दुखा दे दिल कोई अगर तो माफ़ कर

रिश्ते चाहें दिल के या खून के उन्हें निभाह तू क्योंकि जीवन में रिश्ते नही होते रिश्तों में जीवन होता है

कर स्वीकार तू क्योंकि स्वीकार में संभावना है और निषेध में निराशा भूकंप आए, सुनामी आए या कोई महामारी फ़ैल जाए

है मुश्किल पर कर स्वीकार तू बैठ प्रकृति मां की गोद में कर प्यार तू क्योंकि चाँद तारे अभी भीचल रहे हैं अपनी गति से कतार में

और बह रही हैं नदियाँ सही वेग से कण कण में प्यार है समाया बहुत कुछ है दरुस्त अभी कर स्वीकार तू के स्वीकार जीवन है और निषेध अंत।

  1. बात हुई मुलाकात हुई Short Poems in Hindi

बात हुई मुलाकात हुई बस यूँ ही जान पहचान हुई हक़ीक़त हुई ख्यालात हुई बादल घिरा दिल भरा अश्कों की बरसात हुई

अभीअभी तो दिन निकला था जाने कब फिर रात हुई दिल के तार रहे अनछुए मेरे राधामीरा जैसी कोईसाथ मेरे बात हुई

गुजर गए जो देश की खातिर मौत भी उनकी हयात हुयी।

  1. चिता की पुकार Short Poems in Hindi 

कितना तड़पे होंगे मेरे पापा जब चिता मेरी को उन्होंने आग दी होगी मेरी माँ के आँसू बने होंगे ईंधन

मेरी चिता को जिसने ओर ज्यादा सुलगाया होगा भाइयों ने मेरी टीस को एक बारगी अपनी रूह में पाया होगा

जिन हाथों को करनी थी विदाई मेरी नजाने कैसे उनसे मेरी अर्थी को उठाया होगा दोस्तों और रिश्तेदारों के विलाप ने

एक बार धरती को हिलाया होगा पता नहीं किसने शादी के जोड़े की जगह कफ़न मेरे लिए सिलवाया होगा

चार दिन अफसोस कर के चले जाएंगे लोग कोई क्या जाने, मरने से पहले कितना दर्द मैंने सहा होगा

अभी तो मेरे अरमान थे कुँवारे कौन जाने कितने सपनों को मैंने दिल में सजाया होगा सोचते होंगे सब,

भरी जवानी में चल बसी मैं मैंने चाँद तारों में निवास पाया होगा।

  1. गलत चुनाव Short Poems in Hindi

गलत चुनाव जीवनसाथी का नदी के दो किनारों की तरह हरदम चलना साथ साथ पर बना पाना चाहतों का पुल

साथ होकर भी होना साथ हो जाना पहले से कहीं अधिक अकेले होते हुए आँखों के सामने देख पाना एक दूसरे को

पढ़ पाना एक दूसरे का अंतर्मन उतर पाना एक दूसरे के वजूद में, रखना दूसरे की चाहतें पूरी करने की चाह

करना ही दूसरे को खुश करने की असफल कोशिश बस उलझे रह जाना अपेक्षा और उपेक्षा में कर देना एक दूसरे की

उम्मीदों की हत्या पढ़ पाना चेहरे पर लिखी कहानियां देख पाना आंखों की उदासी साँसों में तैरते डूबते अल्फ़ाज़

  सो पाना गहरी नींद मिलना मुस्कुराती सुबह काटना समझौतों भरी दोपहर जीना अधूरी सी शाम सबसे बड़ा दुःख है

विश्वास का होना घुट घुट के रोना हर दिन बोझिल रिश्ता ढोना सो जाना सिसकियों का खामोशी की आगोश में

ओढ़ लेना उदासीनता की चादर प्यार शून्य, पर होना हमदर्दियो का भी परवाह  का मर जाना बंट जाना दो हिस्सों में

दोहरापन जीना रोज़ कभी एक तो कभी दूसरे हिस्से का हावी होते रहना रहना एक ही घर मे बनकर अज़नबी बनावटी

और दिखावे की ज़िंदगी जीने को मजबूर कभी सामाजिक चक्रव्यूह तो  कभी हमसे जुड़ी नन्ही  जानों की ख़ातिर….

  1. मुझे अच्छा लगता है Short Poems in Hindi

 तुम्हारा चोरीचोरी ताकते रहना कभी नज़रें मिलाना कभी नज़रें झुकाना मुझे अच्छा लगता है तुम्हारी मासूम शरारतें

पहेलियों सी आदतें हर अंदाज़ तुम्हारा मुझे अच्छा लगता है मेरा रूठना तुम्हारा मनाना और फिर तुम्हारा रुठ के खुद ही

मान जाना मुझे अच्छा लगता है तुम्हारा ख्यालों में चुपचापआना गीत बन कर होंठों से टकराना मुझे अच्छा लगता है यादों का साया बन तन्हाई में सताना तुम्हारा सपनों में आना मुझे अच्छा लगता है।

  1. दिसम्बर की ठंडी शाम Short Poems in Hindi

दिसम्बर की ठंडी शाम में खिड़की के शीशों पर पड़ती बारिश की लकीरें बूंदो की टिप टिप का आलाप

अंदर शुष्क पड़ा मन उदासी का बढ़ रहा तापमान ख्वाहिश नम है और उम्मीदों पर ज़म गई है बर्फ

बालकनी में जाकर देखा दो ताज़ा खिले फूल मुस्कुरा रहे है बारिश थम गई है आसमान में दूर कहीं

पीछे छूट गई बारिश की एक तन्हा बूंद अचानक गिरी मुझ पर और चूम लिए उसने मेरे गाल।

  1. एकांत Short Poems in Hindi

कहाँ आसान था? तय करना लम्बा सफ़र अकेले चलते हुए अनगिनत तारीख़े मैंने भुगतान दिल की अदालत में बार बार अर्जियां लगाई

मगर तेरे वजूद में दाखिल होने की मेरी हर अर्जी, हर कोशिश बेकार हो गयी गैर जरूरी फाईलो के नीचे दफ़न हो गई

मेरी दरख्वास्तो की फ़ाइल हर बार पकड़ा दिया गया उपेक्षा का नोटिस मेरी आरजुओं के बदन पर पड़ती गई सिलवटें

और मुल्तवी होती रही मेरी ख्वाहिशो की सुनवाई और फिर मैं करने लगी अपने आप से संवाद झांकने लगी अपने अंदर

 बैठने लगी अपने साथ मेरी हर तलाश खत्म होती चली गई बाकी बची थी तो एक ही ज़िद ख़ुद से मिलने की अब नही

खलती है तुम्हारी बेरूखी सारे ग़ैर ज़मानती ख्वाब रिहा कर दिए मैंने और तामीर कर लिया है अपने चारों ओर एक ऐसा

दायरा जिसमें किसी को झाँकने की इज़ाज़त नही है बस मैं और मेरा एकांत ही हंसतेगाते और बतियाते है यहाँ।

  1. औरत की खामोशी Short Poems in Hindi

औरत की खामोशी में छिपी होती है एक दर्द भरी चीख जो अंदर के शोर से निकल कर कहीं खो जाती है

बाहर के शोर में पुरुष नही सुन पाता जिसे जीवन भर…..

  1. मजदूर गर्भवती स्त्री Short Poems in Hindi

 कोहरे से ढ़की सड़क पर दिसम्बर की ठंड में रेत, बजरी और ईट ढोती कोख़ में लिए देश का भविष्य काम कर रही

मज़दूर गर्भवती स्त्री, कंपकंपाती ठंड में रोता और ठिठुरता बहती नाक लिए उसके पीछे पीछे घिसटता नंगे पांव, छोटा

सा बच्चा, मानो इस महान  देश का लोकतन्त्र है पालने को जिसका पेट अपनी हर जरूरत की उपेक्षा करती वो मजदूर

गर्भवती स्त्री, काली चमड़ी, खुरदरे हाथ पीली आँखे और बिखरे बाल यही उसके व्यक्तित्व की सार्वभौमिक पहचान है, ना

सही खुराक ना ही मिलता आराम क़िस्मत में  लिखा सिर्फ काम फिर भी वह ज़रा भी नही लड़खड़ाती है और ना ही

घबराती है सिर और पेट में वज़न लिए पूरा दिन घूमती है वो मज़दूर गर्भवती स्त्री

  1. माँShort Poems in Hindi

माँ ! तुम सर्दी की धूप सावन की बौछार तपती रेत में जैसे जल की फुहार माँ!

तुम थके से मन को बरगद की छांव गहराते अँधेरों में उजालों की गुहार माँ!

तुम परिंदो का गीत बहते झरनों की  आवाज़ बेचैन हवाओँ में इकलौती सी आस।

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