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  1. Hindi Poems for class 5 – ये पल

जीवन की ये परिभाषा है, कभी आशा कभी निराशा है घोर निराशा अंधकार बिखराये, आशा की किरण नवजोत जगाये ।।

कुछ रिश्ते संग लाते हैं, और कुछ रिश्ते बनाते हैं गम कुछ ऐसे भी होते हैं, जो अपनों से पाते हैं ।।

जब अपने गम दे जाते हैं, गैरों से क्यों आस लगाते हैं ? छोटीछोटी खुशियों से, दामन क्यों ना भर पाते हैं ?

शक की दीवारें ना कभी, रिश्तों के बीच आने दो कल तड़पना पड़े जिसके जाने से, दूर उसे ना जाने दो ।।

जीवन फिसलती रेत सा है, मुट्ठी में रोक ना पाओगे समय के पहरेदारों से, बीते पल कैसे चुराओगे ?

रेत फिसल जाने के बाद, मुट्ठी खाली रह जाती है लम्हे गुजर जाने के बाद, सिर्फ यादें हिस्से आती हैं ।।

  1. Hindi Poems for class 5 – सीमा प्रहरी

एक सैनिक के दिल का राज़, थी अनसुनी सी उसकी आवाज,

चाहता था वो आज सुनाना, दिल की बातों को बतलाना ।।

जिगर हमारा फौलाद सा होता, लेकिन दिल जज़्बात ना खोता

दुश्मन को हम धूल चटायें, लेकिन अपनो को भूल ना पायें ।।

बहना की थी बस एक ही आस, राखी के दिन हो भाई पास

आज भी आँखे भर आती हैं, जंग के दिनों जो राखी आती है ।।

माँ की थी बस एक ही आस, घर लौटूं जल्दी उसके पास

खीर हाथों से मुझे खिलाये, प्यार से मेरा सिर सहलाये

आज भी आँखे भर जाती हैं, माँ की जब चिट्ठी आती है ।।

पापा की थी बस एक ही आस, बेटा हो मेरे देश का नाज़

रगों में जिसके देश की भक्ति, बाजुओं में हो फौलाद सी शक्ति

उनका सपना मेरा सपना, सारा देश परिवार अपना

ये था सैनिक के दिल का राज़, वो अनसुनी दबी आवाज़

जिसे सुनाया कविता में आज, देश सैनिकके सिर का ताज ।।

  1. Hindi Poems for class 5 – माँ का साथ

भीड़ में कहीं मैं खो ना जाऊँ, थाम लो मेरा हाथ तुम माँ

डर लगता है खो जाने से, दूर कहीं तुमसे जाने से

रहना चाहूं तुम संग लीन, जैसे जल संग रहे हैं मीन

माना तुझ बीन रह नहीं पाया, बेटा हूँ सो कह नहीं पाया

लेकिन सहम जाता हूँ माँ, जो दूर खुदको पाता हूँ माँ.

दुनिया क्यों नहीं तेरे जैसे, मुझे अपनाती जैसा हूं वैसे

क्यों मुझको ये मोड़ना चाहे? जो ना मुडे ये तोड़ना चाहे

तुम ऐसी तो नहीं हो माँ, काश दुनिया तुमसी हो  माँ

  1. Hindi Poems for class 5 – पापा का प्यार

बच्चे खेल के वापस आये, पीछे से ही गले लगाये रोमरोम में खुशियाँ जागी, थकन थकावट एकदम भागी ।।

अपने गंदे वस्त्र देखकर, पापा मुझको कभी ना डांटे सब सुख देते मुझको पापा, अपने हिस्से दुख ही बांटे ।।

बचपन बीता आई जवानी, उसकी थी कुछ अजब कहानी जब भी नैया गई मझदार, पापा ने ढूढ़ी पतवार ।।

लोग बदल जाते हैं अक्सर, मौसम ज्यों बदलता पापा जैसा प्यार किया बचपन में, आज भी वैसा करते पापा ।।

बिन कुछ पूछे बिन कुछ बोले, दिल की बात समझते पापा मन की बातें जो ना समझी, वो भी समझ लेते थे पापा ।।

दिन रात ही मेहनत रोज वो करते, लौटते घर मुस्काकर पापा थक जाते थे फिर भी हमको, समय दिया करते थे पापा ।।

हर रोज नई फरमाईश करती, फिर भी पूरी करते पापा हम बच्चों के हर सपने को, पूरा किया करते थे पापा ।।

आज मैं जो कुछ बन पाई हूँ, आप ही की है बदौलत पापा आप की मेहनत रंग लाई है, तुम बिन कुछ, नहीं मैं पापा ।।

जानू दिल पर पत्थर रख कर, विदा मुझे किये थे पापा होठों पर मुस्कान सजी थी, दिल ही दिल रोये थे पापा ।।

घर बदला है मेरा लेकिन, दिल में आज भी रहते पापा जैसा प्यार किया बचपन में, आज भी तुमसे करती हूँ पापा ।।

बुढ़ापे की लाठी तेरी बनकर, तीरथ तुम्हें करवाऊँ पापा बेटी होने का मैं अपना, हर एक फर्ज निभाऊ पापा ।।

जान से मेरी प्यारे मुझको, तेरे प्यार पे इतराती पापा जैसा प्यार किया बचपन में, आज भी वैसा करती हूँ पापा ।।

आज वो पापा कहाँ गये, सोच कलेजे हूंक उठी कोयल तो अम्बुआ पे रोई, हम समझे कूक उठी ।।

  1. Hindi Poems for class 5 – लहु के रंग

गोलियों से जिस्म लहूलुहान है, जीवन कुछ पलों का मेहमान है

हर पल भंवर सा घूम रहा, गले में पहनी माँ की निशानी चूम रहा ।।

कलाई पर पिछले साल की राखी है, बहन की डोली की आस बाकी है ।।

बुढ़े पिता की लाठी ना बन पाऊंगा, अब उन्हें लड़खड़ाते ही छोड़ जाऊंगा ।।

हमसफर को बीच सफर छोड़ चला, सात फेरों में ली कसम तोड़ चला ।।

लगा जैसे बच्चे पापा को बुला रहे, उन्हें क्या पता, पापा सदा के लिए जा रहे ।।

मेरी हालत देख यमराज को भी है गिला, देशों की थी दुश्मनी, सिला जवानों को क्यों मिला ?

जाने कितने साथी घायल, कितने परलोक सिधारे वे सब भी तो होंगे, माँ की आंखों के तारे ।।

ना मैं जानू नाम तुम्हारा, ना तुमको मेरी पहचान फिर कारण क्या जो लेते, हम इक दूजे की जान ?

  1. Hindi Poems for class 5 – आरिवर क्यों ?

बचपन में जीवन की, छोटीछोटी खुशियां थी दो चवन्नियां माँ से, पिता से मिलती अठन्नी थी ।।

मुट्ठी भर चने से, जेब अपनी भर लेता रखता कुछ खुद के लिए, कुछ दोस्तों को देता ।।

अल्हड़ शरारत की, मौजों में मैं रहता खुद को अपने घर का, राजकुमार मैं कहता ।।

ना कोई परेशानी थी, ना शिकन ना शिकवे मौज करते गलियों में, फिरते थे बेफिकरे ।।

जैसेजैसे बचपन खोया, कंधो को ज़रा भारी पाया गया जो दर्पण के पास, शिकन का हुआ अहसास ।।

जेब में पैसे भरे हुए थे, फिर भी थी कुछ और की भूख जितना भी पानी डालूं मैं, फिर फिर पत्ते जाते सूख ।।

क्यों चाहतों को इतना बढ़ाया, खुद को इनसे छोटा पाया रखता जो शुकराने पास, खुद होती पूरी हर आस ।।

  1. Hindi Poems for class 5 – मैया मोरी याद तोरी

माँ तेरी याद हमेशा, पलपल मुझको आती है जब किसी माँ बच्चे को देखू, ममता तेरी याद आती है ।।

तेरी ही कोख से, इस दुनिया में आई हूं तेरे ही सीखलाई से, कदमों पर चल पाई हूं ।।

जीवन की हर मुश्किल में, संग तेरा साया पाया था थक कर जब घर लौटी मैं, तूने सिर सहलाया था ।।

मेरी खातिर जाने कितनी, रातों की नींद गवाई थी मेरे हर एक घाव पर, प्यार का मरहम लगाई थी ।।

तेरी चुड़ियों की मधुर खनक, कानों को अब तक याद है तेरी एकएक याद से, पलपल मेरा आबाद है ।।

तेरी ममता ऐसी थी, जैसी सर्दी में धूप का साथ प्यारी लगती थी मुझको, जैसे सावन की पहेली बरसात ।।

जी करता सब के मालिक, आज मैं तेरे घर जाऊं छीनकर अपनी माँ को तुझसे, वापस अपने घर ले जाऊं..

  1. Hindi Poems for class 5 – बचपन के पल चिन्ह

यादों की गलियों में, जो बचपन को देखा नजर आया वो वक्त. जिसमें गम था अनदेखा ।।

खुशियां ही खुशियां, थी मेरे चारों ओर गुंजता था घर में, किलकारियों का शोर ।।

जाने कितनी कहानियां, थी पापा ने सुनाई जाने कितनी लोरियाँ माँ ने मेरी गाई

यक कर जब सोना चाहा, गोद का बिछौना था साथ नींद से जागी जब कभी, हाथों में था उनका हाथ

बचपन चला गया है अब, माँ पापा आज मी मेरे साथ दुर्बल हुए तो क्या हुआ, है सिर पर मेरे उनका हाथ ।।

9.शिक्षा Hindi Poems for class 5

शिक्षा का हो हर जगह प्रसार

शिक्षित हो हर घर परिवार मिट जाये मन का ज्ञान

हमें मिले अपनी पहचान

  1. ध्येय हमारा साक्षरता Hindi Poems for class 5

शिक्षा की नीव रख दें मिलकर देश की शक्ति बन जाएं

आओ मिलकर जुड़े प्रेम से लक्ष्य, पर हम जुट जाए

नई दिशा दें साक्षरता को यही ध्येय हमारा हो

आत्मसम्मान से उठे शीश। यही प्रयास हमारा हो।

  1. बंदर मामा Hindi Poems for class 5

बंदर मामा पहन पजामा सिर पर रख के टोपी ।।

बड़ी अकड़ से खड़े हुए हैं। देखो भैया गोपी ।।

अचकन में लगा के फूल गुलाब | छड़ी लिये है मोटी

चश्मा पहने हीरो बनकर | बजा रहे हैं सीटी ।।

  1. हाथी Hindi Poems for class 5

हाथी आया हाथी आया सूंड हिलाता हाथी आया।।

झूम झूम कर हाथी आया। कान हिलाता हाथी आया ।।

सूंड में पानी भर भर लाया। बच्चों को नाच नचाने आया||

बच्चों को नहलाने आया। बच्चों को बचाने आया||

  1. चिड़िया Hindi Poems for class 5

चिड़िया चिड़िया इधर के चिड़िया चिड़िया दाना खा।।

चिड़िया चिड़िया गाना गा | चिड़िया चिड़िया उड़ती जा।।

  1. खरगोश Hindi Poems for class 5

खरगोश बाग में रहता है सरपट दौड़ लगाना है।।

गाजर मूली खाता है। केला उसको पता है।

लाल लाल है आंखें उसकी खड़े कान वो रखता है ।।

छूकर देखो कोमल कोमल रूई जैसा लगता है।।

  1. मोर Hindi Poems for class 5

देखो सजीला सुन्दर मोर कितना रंग बिरंगा मोर।।

पंखों को फैलाता है। सबको नाच दिखाता है।।

बोल बोल कर मेहआओ मानो, बरखा को बुलाता है।।

बच्चों का मन थिरक थिरक कर। नाच नाच कर गाता है |

  1. भूखी बिल्ली Hindi Poems for class 5

बिलैया चली रसोई में सोचा कुछ तो खाऊँगी

भूख के मारे पिचका पेट। जो पाऊँ, खा जाऊँगी ।।

वाह ! दूध जलेबी मक्खन है। पर उसमें तो मक्खी है।।

कैसे खाऊँ क्या करूं हाय मैं। क्या भूखी ही सो जाऊँ मैं।।

  1. चूहा बिल्ली Hindi Poems for class 5

चूहा दौड़ बिल्ली आई अब तो तेरी शामत आई ।।

तूने कुतरी मुन्नी की कॉपी सारे कमरे में फैलाई ।।

बिल्ली अभी पकड़ कर तुझको अच्छा पाठ पढ़ाती।

कान पकड़ कर झाडू देखो कमरा साफ़ करेगा

  1. तितली रानी Hindi Poems for class 5

तितली रानी, तितली रानी हर एक दिशा से आती तुम

फूल फूल से पात पात से | कौन बातें बतियाती तुम ।।

कितनी प्यारी कितनी न्यारी सुन्दर रंगों से सजी हो तुम ।।

थिरक थिरक कर झूम झूम कर बच्चों को खूब भगाती तुम ||

  1. ऊंट Hindi Poems for class 5

वो देखो वो ऊंट सजीला। बना हुआ है छैल छबीला

लम्बे पैर लम्बी गरदन ।। चलता चले जब चले कीला।

रेत पे चलता, कभी थकता।। रेगिस्तानी जहाज़ कहलाता।

पानी संजो रखता शरीर में || कूबड़ हिलाता फिर इठलाता।।

  1. बरखा आई Hindi Poems for class 5

रिमझिम रिमझिम बरखा आई। टिप टिप टिप बूंदे बरसाई

कल कल नदियाँ गीत सुनायें। झर झर झरने झाग बनायें।।

माटी सुगन्ध से धरती महकी बादल में देखो बिजली कड़की।।

मोर बाग में ले अंगडाई। में आओ में आओ की रट है लगाई

गुड्डू कागज़ की नाव तैराये। नाच नाच कर ताली बजाना।।

मुन्नु आये चुन्नु आये। कूद कूद कर खूब नहाए।।

बरखा में देखो के खेत हरे कालीन से दमक रहे हैं।।

पेड़ पौधे भी नहा धोकर। देखो कैसे चमक रहे हैं।।

  1. गर्मी Hindi Poems for class 5

मई जून का महिना आया। स्कूल की छुट्टियाँ साथ में लाया।।

भूनेगी गर्मी मक्की जैसे। पॉपकॉर्न बन जायेंगे। लेकिन ढंडे मीठे आमों को। खाने मौज उड़ायेंगे

तरबूज, खरबूजे की तरावट पाकर होम वर्क तो करना होगा

मेहनत कर बुद्धिमान बन जीवन में आगे बढ़ना होगा||

घूप में मत जाना भैया। गर्मी से लू लग जायेगी।

बुखार चढ़ा तो सारी मस्ती धरी की धरी, रह जाएगी।

  1. ऋतुराज बसंत Hindi Poems for class 5

आया बसंत उमड़े उमंग स्नेह से रंग दें मन की डाली। जीवन में भर जायें खुशियाँ

झोली रहे कभी ना खाली ।। आमों के पेड़ों पर बैठी कूक रही कोयल मतवाली ।।

ओढ़े खेत चादर सोने की फूली सरसों पीली वाली।। बसंत पंचमी के अवसर पर |

विद्या की देवी सरस्वती का || जन्मदिन श्रद्धा से मनायें | मीठे पीले चावल खायें ||

बाली गेहूँ की निखर उठी हैं। आमों के पेड़ों पर झूमें बौर ।। भंवरे मिटाते गुन गुन करते

थिरकती तितलियाँ चारों ओर ।। ऋतुओं का राजा है बसंत

जिसकी महिमा कवि, करें अनन्त ।। उड़ती पतंगे मानो, फैले हो रंग खुशी के दिगदिगन्त ।।

  1. पेड़ की पुकार Hindi Poems for class 5 on Trees

शुद्ध वायु देता वो ले लो। सेहत के बारे में सोचो।

चाहे मेरा सब कुछ ले लो। पूरा जीवन तो जीने दो।

मत काटो मत खाल उतारो। जीते जी मत मारो

मुझको फल तो वैसे भी देता हूँ। अपने लिये कहाँ रखता हूँ।

शीतल छाया के आँचल को। सुमन सुरभि से महकाता हूँ।।

पल भी सोचो और विचारो। मुझको जीते जी मत माटो ।।

प्रदूषण रहित हवा मैं देता। हर जन में, प्राण भर देता।

वर्षा लाता, हरियाली लाता। खनिजों के भण्डार रोकता।

मुझको सींचो और दुलार। मुझको जीते जी मत मारो।।

बादल भी रूठेंगे तुमसे। पंछी कहाँपर जायेंगे।

बनेंगे कैसे सुन्दर झरने। फसलें कैसे लगाएं।

अपना भविष्य आप सवारी। मुझको जीते जी मत मारो।।

  1. बरखा तेरे रूप अनेक Hindi Poems for class 5

बरखा रानी बरखा रानी। सबके मन को भाती तुम ।।

शीतल जल से झरने बहते गर्मी का भूत भगाती तुम ।।

कल कल नदियाँ बहुत लगती। मीठा संगीत सुनाती तुम।।

पशु पक्षी सब कलख करते। प्रकृति को खूब सजाती तुम।।

लेकिन फिर विकराल रूप ले। बाढ़ क्यूँ बन जाती तुम।।

सुन्दर प्रकृति तहस नहस कर | क्यूँ इतना इतराती तुम ।।

ऐसा रूप नहीं भाता है। फिर कभी नहीं दिखाना तुम।।

बूढ़े बच्चे सभी दुःखी हों ऐसे ना तड़पाना तुम ।॥

अगले बरस जब फिर आएगा सुन्दर रूप सजाना तुम।।

किलकारी भर बच्चे बोलें बरखा रानी आओ तुम

  1. वाह! खूब दिवाली आई Hindi Poems for class 5

वाह! खूब दिवाली आई भैया। खूब दिवाली आई।

चमचम करती जगमग करती, रोशनी फैलाई।

भैया खूब दिवाली आई।। राम जी की 14 बरस के

बाद सवारी आई|| सारी अयोध्या दीप जलाये। खाये खूब मिठाई।।

भैया खूब दिवाली आई। गोवर्धन की चाची लगती। अन्नकूट की ताई।

भैया दूज की बहना लगती, ढेरों खुशियाँ लाई|| भैया खूब दिवाली आई।

  1. होली Hindi Poems for class 5

रंग बिरंगी होली आई, साथ बहुत सी खुशियाँ लाई।

खेलें सब फूलों की होली, प्राकृतिक रंगों की होली।।

टेसू के रंगों की होली, अबीर और गुलाल की होली।

लगायें टीका हल्दी चंदन का, मेहंदी से महकाएं होली

नकली रंगों से रहना दूर, खुशियाँ कर देते चकना चूर।

रसायन इसमें अतिविषैले, चारों ओर प्रदूषण फैले ।।

त्वचा को हो भारी नुकसान, रहना इससे सावधान

त्योहारों का को सम्मान, हमारी संस्कृति की ये हैं शान ||

  1. रक्षा बन्धन Hindi Poems for class 5

रक्षाबंधन का त्योहार आई बहु को उमड़े प्यार,

बहन बाँधे राखी भाई को भाई दे सुन्दर उपहार

करेंगे रक्षा इक दूजे की बचन देते बारम्बार मिठाई खाते,

गले लगाते कितना पावन ये त्योहार।

  1. ईद Hindi Poems for class 5

ईदी दे दो अम्मी, खाला | मीठी ईदका दिन है आया।।

नये नये कपड़ों में सबने एक दूजे को गले लगाया ।।

मामूजान के घर पे जाके मीठी सिमइयाँ खायेंगे मेले की भी सैर करेंगे खेल खिलौने लायेंगे

  1. क्रिसमस Hindi Poems for class 5

ईशू का दिन आया सैन्टा बाबा आया, लाल कपड़े, लाल झोला घंटी बजाता आया ।।

जिंगल बेल जिंगल बेल गाते बच्चे भाग रहे हैं। सैन्टा बाबा तोहफे देगा। उनके पीछे भाग रहे हैं।

क्रिसमस ट्री सजाएं चाँद तारे लटकाएंगे, खायेंगे हम क्रिसमस केक। मम्मी कर रही हैंबैक‘ ||

आज चर्च हम जायेंगे यीशु के गीत गायेंगे, प्यार का संदेश उनका बार बार दोहराएंगे।

  1. बसंत पंचमी Hindi Poems for class 5

मौसमी ने ली अंगड़ाई, बसंत पंचमी आई।। मां सरस्वती के जन्म दिवस की,

पूण्य घड़ी फिर आई।। बसंत पंचमी आई।

वीणा वादिनी की श्रद्धा से पीले वस्त्रों में, बन्दना सबने गाई मीठे पीले चावलों की सुगन्ध,

फैली हर घर अंगनाई॥ बसंत पंचमी आई।

ऋतुराज बसंत ने धरती पर, सौंदर्य छटा फैलाई

नई नई कोंपलें फिर से, पेड़ों पर मुस्काई।।

बसंत पंचमी आई। खेतों ने ओढ़ी पीली चुनरी, वोटों से लदी अमराई

मोहक कुहुक से कोयलने, बागों में टेर लगाई।। बसंत पंचमी आई।

गुनगुन भंवरे गुंजन करते सतरंगी तितली मंडला,

बसंती वस्त्रों में सजी बलाओं ने पीली आभा फैलाई।। बसंत पंचमी आई।

नभ में उड़ती ढेरों पतंग, चहूँ ओट उमंग है छाई ।।

तो काटा, वो काटा बोलें, मित्र, बहन और भाई ।। बसंत पंचमी आई।

  1. बादल Hindi Poems for class 5

आसमान में छाये बादल। उमड़ घुमड़ के आये बादल||

शीतल पानी बरसते बादल। हर को ठंडक पहुँचाते बादल।।

नाव बनाते धूम मचाते बच्चों को हर्षित बादल ।।

बड़े भी खुश है बाग में देखो। मोरों को भी नचाते बादल।।

  1. रात Hindi Poems for class 5

रात हो गई चंदा आया टिमटिम करते तारे लाया||

बोला बच्चों बिस्तर में जाओ। सुन्दर सपनों में खो जाओ।।

सवेरे उठकर स्कूल है जाना। बस्ता लगाओ, भूल जाना।।

देर हुई तो बस छूटेगी

  1. गोधूलि बेला Hindi Poems for class 5

गोधूलि की बेला आई गैया मैया घर आई है।

शाम हुई घर लौटी चिड़ियाँ बच्चों का दाना लाई हैं

चहक चहक चह, चहा रही हैं। बच्चों तुमको बता रही हैं।।

खेल चुको, अब लौटो घर को। अम्मा तुमको बुला रही हैं।

होमवर्क करना है तुमको। याद तुम्हें वो दिला रही हैं।।

जल्दी सोना जल्दी उठना। सुन्दर नियम समझा, रही हैं।।

  1. तारे Hindi Poems for class 5

झिलमिल झिलमिल सुन्दर तारे कितने के कितने न्यारे ।।

आसमान में चमका करते। बच्चों को ये प्यारे लगते ।।

सप्तऋषि तारा मंडल है। ध्रुव तारा भी अटल अचल है।।

चंदा मामा रूप बदलते की पूरे कभी आधे दिखते।।

जाने कितने रहस्य पलते आसमान के तारों में ||

जिसको ढूंढो तस्वीर बनेगी। तारों की कतारों में ।।

  1. हे सागर Hindi Poems for class 5

हे सागर कहाँ से लाये हो, इतनी गहराई। इतना जल इतनी गहनता, इतनी करुणा।।

हृदय में समोये कितनी, अनमोल निधियाँ कितने रहस्य, कितनी दिल चस्प कहानियाँ।।

जब सूर्य की किरणें, तुझमें झिलमिल करती मुंबई सीपी रत्नों से रोगों की, छवि बनाती ।।

कभी तो ऐसा लगता, चाँदी के परों के पक्षी। किल्लोल करते मस्ती में बस तैर रहे हों।।

दूर कहीं टापू के पीछे उगता सूरज। और कभी तुझमें ही समा जाता सूरज।।

भोर और संध्या का ये अप्रतिम हास्य। धरती, आकाश में फैलाता सूरज ||

पल पल इन्द्रधनुषीय रूप जो मन को भाता | सच में जीवन की धूप छाँव का, अर्थ सिखाता।।

सदा हृदय में मन्थन होता, कैसे होता है ये चमत्कार। अद्भुत प्रकृति का कौन रचयिता,

कौन है ये चित्रकार।। उस दृष्टि रचेयिता को नमन करें हम बारम्बार

कौन जाने जीवन में उनसे, हो जाए साक्षात्कार ।।

  1. नानी के बोल Hindi Poems for class 5

मीठी मीठी वाणी बोलो कानों में तुम मिश्री धोलो ||

कोयल मीठा बोल बोलती इसीसे सबको प्यारी लगती ।।

कौवा काँव काँव चिल्लाता | इसी से मार सभी से खाता ।।

बड़ा या छोटा सामने आता सदा प्रणाम उसे तुम करना ।।

सबके प्रिय तुम बन जाओगे | आर्शीवाद सदा पायो ।।

  1. अपना घर Hindi Poems for class 5

एक चिड़िया के बच्चे चार | घर से निकले पंख पसार ||

पूरब से पश्चिम को आए। उत्तर से दक्षिण को आये ।।

धूमधाम जब घर को आये। माता को ये वचन सुनाये ।।

देख लिया हमने जग सारा अपना घर ही सबसे प्यारा ।।

  1. मुन्ना राजा Hindi Poems for class 5

मुन्ना राजा रूठा है। मुँह फुलाकर बैठा है।

कैसे उसे हंसायेंगे कैसे उसे मनायेंगे ।।

मैंने अपना बन्दर लाई फिर भी मुन्ने को हंसी पाई।।

गिन्नी घघरी में झूम के नाची फिर भी मुझे को हंसी आई ।।

जब चुन्नी जोकर बनकर आई।

मुन्ने की हंसी होंठों पर आई।। मुन्ना, मुन्नी, मुन्नी, मुन्नी ने। नाच कूद धूम मचाई।।

  1. कूड़े दान की पुकार Hindi Poems for class 5

लालाजी ने केला खाया उसका छिलका वही गिराया ।।

केला खाकर, तोंद फुलाकर लाला जी ने कदम बढ़ाया।।

डगमग डगमग चलते चलते पैर के नीचे छिलका आया ।।

छिलके ऊपर लाला फिसले खुली सड़क पर गिरे धड़ाम ।।

हड्डी पसली दोनों टूटी मुंह से निकला हाय राम।।

पास में कूड़े दान पड़ा था। हंस हंस कर बेहाल हुआ था||

फिर उसने ये देर लगाई। लाला जी कुछ अकल में आई।।

लाला जी अबतो कुछ सीखो, मुझे काम में लाना सीखो।।

सदा रहे हम सबका नारा| सफाई रखना कर्तव्य हमारा||

  1. सुन शब्दों की धुन Hindi Poems for class 5

बरखा बरसे रिमझिम। जलता दीया टिमटिम||

बूँदें बोले टिपटिप। बच्चे करने, गिटपिट।।

पपीहा बोले, पिहू पिहू कोयल बोले, कुहू कुहू॥

मेढ़क बोले टर्ट टर्ट टम टम बोले, घर घर।।

इम बोले डम डम। बन्दर नाचे, छम छम ।।

नाचे चुन्नू, दुमक दुमक खाये खीर, लपक लपक||

इकतारा बोले, तुन तुन। भंवरा गाये, गुन गुन

मम्मी की बिदियाँ, चम चम। खनकाये चूड़ी खन खन ।।

टन टन। हम भी निकले बन ठन ।।

41.परिश्रम Hindi Poems for class 5

सुन साथी बिना परिश्रम, सुख की राहत आई।

जो मेहनत करते भाई, किस्मत उनकी खुल पाई।।

आलस की चादर छोड़ो, जीवन का धर्म यही है।

मेहनत की नाव चलाना, जीवन का कर्म यही है।।

मछली की आँख सा लक्ष्य, अर्जुन सा तीर चलाओ।

तो मानो मेरे साथी, जग में जो चाहो, पाओ।

उड़ते आकाश के पंछी, धरती पर तो रे

मेहनत कश जीवन का तू, सार इन्हें समझा रे खाने की खोज में तू,

ठौर ठौर को जाता संध्या लौट के घर को, बस मीठे गीत सुनाता

वातावरण संगीत मय कटक, और नन्हे मुन्नों को चहका कर,

प्यार से, दुलार कर, तू उनकी भूख मिटाता।। परिश्रमी,

इंसान, सदा, प्रसन्न चित्र ही रहते जीवन में प्रगति की सीढ़ी पर, नित नये आयाम बनाते।।

Thank you for reading these Hindi poems for class 5 I’m sure you would like it. These poems are especially for kids and these poems help them to learn many things which are very interesting and easy to learn.

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