If your searching for the Sad Poem in Hindi then you are at the right place Here I’m sharing with you the 15 best Sad Poem in Hindi which is really amazing and unique I’m sure you will like it If you love it then you can share these poems with you friends and very close friends I’m sure they will appreciate it.

  1. मौसम Sad Poem in Hindi

जुल्फ़ बन कर बिखर गया मौसम, धूप को छांव कर गया मौसम

मैंने पूछी थी खैरियत तेरी, मुस्करा कर गुज़र गया मौसम

फिर वो चेहरा नज़र नहीं आया, फिर नज़र से उतर गया मौसम

तितलियाँ बन के उड़ गयीं रातें, नींद को ख़्वाब कर गया मौसम

तुम थे तो मुझे पता चला, किधर आया किधर गया मौसम

  1. रोशनी Sad Poem in Hindi

दिल बुरी तरह से धड़कता रहा, वो बराबर मुझे ही तकता रहा

रोशनी सारी रात कम ना हुई, तारा पलकों पे इक चमकता रहा

छू गया जब कभी ख्याल तेरा, दिल मेरा देर तक धड़कता रहा

कल तेरा ज़िक्र छिड़ गया घर में, और घर देर तक महकता रहा

उसके दिल में तो कोई मैल था, मैं ख़ुदा जाने क्यूँ झिझकता रहा

मीर को पढ़ते पढ़ते सोया था, रात भर नींद में सिसकता रहा

  1. बेवफा Sad Poem in Hindi

बेवफा होगा, बेवफा होगा, उससे मिल कर तो देख क्या होगा

बैर मत पालिए चरागों से दिल अगर बुझ गया तो क्या होगा

सर झुका कर जो बात करता है तुमसे वो आदमी बड़ा होगा

क़हक़हे जो लुटा रहा था कभी वो कहीं छुप के रो रहा होगा

उससे मिलना कहाँ मुक़द्दर है और जी भी लिए तो क्या होगा

राहत एक शब्द में हो गए हैं रईस कुछ फक़ीरों से मिल गया होगा

  1. मेरे Amazing Sad Poem in Hindi 

अब ना मैं वो हूँ, ना बाकी हैं ज़माने मेरे फिर भी मशहूर हैं शहरों में फसाने मेरे

ज़िन्दगी है तो नए ज़ख्म भी लग जाएंगे अब भी बाक़ी हैं कई दोस्त पुराने मेरे

आपसे रोज़ मुलाक़ात की उम्मीद नहीं अब कहाँ शहर में रहते हैं ठिकाने मेरे

उम्र के राम ने साँसों का धनुष तोड़ दिया मुझ पे एहसान किया आज ख़ुदा ने मेरे

आज जब सो के उठा हूँ तो ये महसूस हुआ सिसकियाँ भरता रहा कोई सिरहाने मेरे

  1. रे जोगी Latest Sad Poem in Hindi

तू शब्दों का दास रे जोगी तेरा क्या विश्वास रे जोगी दिन विष का प्याला पी जा फिर लगेगी प्यास रे जोगी

ये साँसों का बंदी जीवन किसको आया रास रे जोगी विधवा हो गयी सारी नगरी कौन चला बनबास रे जोगी

पुर आई थी मन की नदिया बह गए सब एहसास रे जोगी एक पल के सुख की क्या क़ीमत दुख हैं बारह मास रे जोगी

बस्ती पीछा कब छोड़ेगी लाख धरे सन्यास रे जोगी

  1. बेटा Sad Poem in Hindi

ये ज़िन्दगी किसी गूंगे का ख़्वाब है बेटा संभल के चलना के रस्ता ख़राब है बेटा

हमारा नाम लिखा है पुराने किलओं पर मगर हमारा मुकद्दर ख़राब है बेटा

गुनाह करना किसी बेगुनाह की ख़ातिर मेरी निगाह में कारसवाब है बेटा

अब और ताश के पत्तों की सीढ़ीयों पे चढ़ के इसके आगे खुदा का अज़ाब है बेटा

हमारे सेहन की मेहंदी पे है नज़र उसकी ज़मीनदार की नीयत ख़राब है बेटा

  1. इबादतों Sad Poem in Hindi

जो मनसबों के पुजारी पहन के आते हैं कुलाह तौक़ से भारी पहन के आते हैं

अमीर शहर तेरी तरह क़ीमती पोशाक मेरी गली में भिखारी पहन के आते हैं

यही अक़ीक़ थे शाहों के ताज की ज़ीनत जो उँगलियों में मदारी पहन के आते हैं

हमारे ज़िस्म के दाग़ों पे तब्सरा करने कमीज लोग हमारी पहन के आते हैं

इबादतों का तहफ़्फ़ुज़ भी उनके ज़िम्मे है जो मस्जिदों में सफ़ारी पहन के आते हैं

  1. ख़ाली ख़ाली है Sad Poem in Hindi

मस्जिद ख़ाली ख़ाली है बस्ती में क़व्वाली है हम जैसों से ख़ाली है दुनिया किस्मत वाली है

नूरजहाँ है पहलू में दिल में सब्ज़ी वाली है माज़ी हो या मुस्तक़बिल अपनी वही बेहाली है

दरिया फिर भी दरिया है जग ने प्यास बुझा ली है दुनिया पहले पत्थर थी हमने मोम बना ली है

साया साया ढूंड उसे जिसने धूप निकाली है कुछ तब्दीली हो यारों बरसों से खुशहाली है

  1. मुझे होश नहीं Sad Poem in Hindi

कितनी पी, कैसे कटी रात मुझे होश नहीं रात के साथ गई बात मुझे होश नहीं

शब गुज़ार आया हूँ मस्जिद में के मैखाने में मुझसे पुछो ना सवालात मुझे होश नहीं

मुझको ये भी नहीं मालूम के जाना कहाँ थाम ले कोई मेरा हाथ मुझे होश नहीं

आँसुओं और शराबों में गुज़र है अब तो मैंने कब देखी थी बरसात मुझे होश नहीं

जाने क्या टूटा है पैमाना कि दिल है मेरा बिखरेबिखरे हैं ख़यालात मुझे होश नहीं

मैंने बेहोशी के आलम में बका है क्याक्या दिल पे लेना कोई बात मुझे होश नहीं

  1. औक़ात में रहे Sad Poem in Hindi

सूरज, सितारे चाँद मेरे साथ में रहे जब तक तुम्हारे हाथ मेरे हाथ में रहे

साँसों की तरह साथ रहे सारी ज़िन्दगी तुम ख़्वाब से गए तो ख्यालात में रहे

हर बूंद तीर बन के उतरती है रूह तन्हा मेरी तरह कोई बरसात में रहे

हर रंग हर मिज़ाज में पाया है आपको मौसम तमाम आपकी ख़िदमात में रहे

शाखों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं है हम आँधी से कोई कह दे के औक़ात में रहे

  1. आप आए हैं Sad Poem in Hindi

दिए बुझे हैं मगर दूर तक उजाला है ये आप आए हैं या दिन निकलने वाला है

नई सहर है नया गेम नया उजाला है रज़ाई छोड़ दो अब दिन निकलने वाला है

ख्याल में भी तेरा अक्स देखने के बाद जो शख़्स होश गँवा दे वो होश वाला है

जवाब देने के अन्दाज़ भी निराले हैं सलाम करने का अन्दाज़ भी निराला है

सुनहरी धूप है सदक़ा तेरे तबस्सुम का ये चाँदनी तेरी परछाईं का उजाला है

है तेरे पैरों की आहट ज़मीन की गर्दिश ये आसमां तेरी अंगड़ाई का हवाला है

  1. मुश्किल Sad Poem in Hindi

मुश्किल से हाथों में खज़ाना पड़ता है पहले कुछ दिन आनाजाना पड़ता है

खुश रहना आसान नहीं है दुनिया में दुश्मन से भी हाथ मिलाना पड़ता है

यूँ ही नहीं रहता है उजाला बस्ती में

चाँद बुझे तो घर भी जलाना पड़ता है तू भी फलों का दावेदार निकल आया,

बेटा पहले पेड़ लगाना पड़ता है

मुश्किल फ़न है ग़ज़लों की रोटी खाना बहरों को भी शेर सुनाना पड़ता है

  1. बहुत महंगा है Sad Poem in Hindi

क्या खरीदोगे ये बाज़ार बहुत महंगा है प्यार की ज़िद करो प्यार बहुत महंगा है

चाहने वालों की एक भीड़ लगी रहती है आजकल आपका दीदार बहुत महंगा है

इश्क़ में वादा निभाना कोई आसान नहीं करके पछताओगे इक़रार बहुत महंगा है

आज तक तुमने खिलौने ही ख़रीदे होंगे दिल है ये दिल मेरे सरकार बहुत महंगा है

हम सुकूँ ढूंढने आए थे दुकानों में मगर फिर कभी देखेंगे इस बार बहुत महंगा है

  1. वो हम रहे वो तुम रहे Sad Poem in Hindi

वो रास्ते वो हमसफ़र वो हम रहे वो तुम रहे वो जो शहर था है वही मगर वो हम रहे वो तुम रहे

जो हमारे दिल पे गुज़र गई जो तुम्हारे दिल पे गुज़र गई ना हमें पता तुम्हें खबर वो हम रहे वो तुम रहे

कभी हम तुम्हारे क़रीब थे कभी तुम हमारे हबीब थे मगर अब नहीं कोई मोतबर वो हम रहे वो तुम रहे कभी रात मन्नते माँगना कभी सुबह देर से जागना

वो शब रही रही सहर वो हम रहे वो तुम रहे

जो तआल्लुक़ात थे क्या हुआ जो तसव्वुरात थे क्या हुआ के वफ़ाए इश्क़ के मोड़ पर वो हम रहे वो तुम रहे

  1. हुनर जानते हैं Sad Poem in Hindi

आग में फूलनेफलने का हुनर जानते हैं बुझा हमको के जलने का हुनर जानते हैं

हर नए रंग में ढलने का हुनर जानते हैं लोग मौसम में बदलने का हुनर जानते हैं

आप ने सिर्फ़ गिराने की अदा सीखी है और हम गिर के संभलने का हुनर जानते हैं

क्या समेटेगा हमें वक़्त का गहरा दरिया

हम किनारों से उबलने का हुनर जानते हैं

चाल चलने में महारत है यहाँ लोगों को और हम बचके निकलने का हुनर जानते हैं

Thank you for reading this sad poem in Hindi I’m sure you would like and you can feel the words which are really interesting and mind-blowing. These poems are actually for those who are feeling sad I’m sure these poems help you.

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